फूलपुर सीट पर समाजवादी पार्टी के नागेन्द्र सिंह पटेल करीब 60 हजार वोटों से जीते

फूलपुर सीट पर समाजवादी पार्टी के नागेन्द्र सिंह पटेल करीब 60 हजार वोटों से जीते

Rafatuddin Faridi | Publish: Mar, 14 2018 05:05:26 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 05:28:47 PM (IST) Allahabad, Uttar Pradesh, India

सपा के नागेन्द्र सिंह पटेल को 342796 वोट मिले जबकि भाजपा के कौशलेन्द्र सिंह 283183 पाकर दूसरे नंबर पर रहे।

इलाहाबाद. समाजवादी पार्टी ने फूलपुर उपचुनाव जीत लिया है। सपा के नागेन्द्र सिंह पटेल ने भाजपा के कौशलेन्द्र सिंह पटेल को 59613 वोटों से हरा दिया है। यहां बाहुबली अतीक अहमद और कांग्रेस की जमानत जब्त हो गयी। यह सीट यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 2014 में केशव मौर्य ने फूलपुर सीट तीन लाख से अधिक वोटों से जीती थी। भाजपा ने फूलपुर में पहली बार जीत हासिल की थी।
फूलपुर उपचुनाव की गिनती में समाजवादी पार्टी शुरू से ही लीड बनाए हुए थी। यहां हर राउंड में सपा की बढ़त का अन्तर बढ़ता ही गया। 32वें राउंड में सपा के नागेन्द्र सिंह पटेल को 342922 वोट मिले, जबकि भाजपा के कौशलेन्द्र सिंह पटेल ने 283462 वोट पाए। यहां अतीक अहमद को 48 हजार 94 वोट मिले। कांग्रेस की हालत यहां सबसे खराब रही। कांग्रेस प्रत्याशी मनीष मिश्रा ने 19353 वोट ही पाए।


उपचुनाव में भाजपा मोदी और योगी के नाम पर जीतना चाहती थी, जबकि सपा ने बीजेपी को हराने के लिये जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए योजना बनायी थी जो सफल हुई। सपा ने गोरखपुर में निषाद दल और पीस पार्टी जैसे छोटे दलों से गठजोड़ कर निषाद पार्टी प्रमुख के बेटे प्रवीण निषाद को ही मैदान में उतारा तो बीजेपी ने यहां ब्राह्मण चेहरे उपेन्द्रदत्त शुक्ला पर दांव खेला। दूसरी ओर ओबीसी बाहुल्य फूलपुर सीट पर पटेल वोटों की अधिकता को देखते हए सपा ने जहां नागेन्द्र सिंह पटेल को उतारा तो भाजपा ने वाराणसी के मेयर रहे कौशलेन्द्र सिंह पटेल को उनके मुकाबले खड़ा कर दिया। यहां सपा का खेल बिगाड़ने के लिये पहले कांग्रेस और उसके बाद बाहुबली अतीक अहमद निर्दलीय मैदान में आ गए।

 

ऐसा माना जा रहा था कि फूलपुर में अतीक के आने के बाद सपा हार जाएगी। यहां करीब सवा दो लाख मुस्लिम वोटों के बंट जाने का खतरा बताया जाने लगा। पर इसी दौरान सपा के लिये अच्छी बात हुई कि बसपा ने उसे समर्थन दे दिया। इसके अलावा रालोद और वामदल जैसी पार्टियां भी साथ आ गयीं। फूलपुर सीट इसी समीकरण के दम पर सपा ने भाजपा से छीन ली। जातीय समीकरण और बसपा समेत दलों से गठबंधन के चलते सपा ने उपचुनाव जीत लिया।

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