विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियां रोकने को चुनौती, केन्द्र सरकार व यूजीसी से जवाब तलब

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Sep, 11 2018 10:45:40 PM (IST)

Allahabad, Uttar Pradesh, India

इलाहाबाद. इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति रोकने संबंधी आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी है। कोर्ट ने इस मामले में यूजीसी व केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है। वष्जेन्द्र कुमार सिंह और 11 अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालेकर और न्यायमूर्ति जयन्त बनर्जी की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में 18 जुलाई 2018 के केन्द्र सरकार और 10 जुलाई 2018 के यूजीसी के आदेश को चुनौती दी गयी है।

इन आदेशों के द्वारा विश्वविद्यालयों में कहना है कि विवेकानंद तिवारी केस में हाईकोर्ट ने विभागवार आरक्षण लागू करने का आदेश दिया था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के निर्णय को सही करार देते हुए विभागवार आरक्षण की की व्यवस्था को ही सही माना। अब केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दाखिल कर विभागवार आरक्षण को चुनौती दी है।

केन्द्र सरकार पूरे विश्वविद्यालय को इकाई मानकर आरक्षण लागू करना चाहती है। इस याचिका के परिपे्रक्ष्य में केन्द्र सरकार ने यूजीसी को भर्तियां रोकने का आदेश दिया है। याचीगण का कहना है कि जब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने विभागवार आरक्षण को सही करार दिया है तो फिर नियुक्तियां रोकने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने मुद्दे को विचारणीय मानते हुए चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

 

BY- Court Corrospondence

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