'सभी कक्षा के छात्रों को पढ़ाएं भगवत गीता' इस पर कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने रिट याचिका को अस्पष्ट करार कर उसे खारिज कर दिया है।

By: Karishma Lalwani

Published: 28 Nov 2020, 12:23 PM IST

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने भगवत गीता से जुड़ी जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने रिट याचिका को अस्पष्ट करार कर उसे खारिज कर दिया है। दरअसल, याचिकाकर्ता ब्रह्म शंकर शास्त्री ने जनहित में यह मांग की थी कि भगवत गीता को सभी कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि "भगवत गीता" को सभी विषयों के साथ छात्रों को (बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक) के लिए एक विषय के रूप में पढ़ाया जा सकता है। याचिकाकर्ता से कोर्ट ने कहा कि अगर वह भगवत गीता को इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में विषयों में से एक के रूप में शामिल करना चाहते हैं तो वे बोर्ड ऑफ हाई स्कूल और इंटरमीडिएट एजुकेशन, उत्तर प्रदेश या किसी अन्य बोर्ड या विश्वविद्यालय से संबंधित उपयुक्त प्राधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

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