अजब-गजब: प्रयागराज में लकड़ी के पुतले से लड़के ने की शादी, औरैया में दुल्हन लेकर आई बारात

- पिता मन रखने के लिए बेटे ने लकड़ी के पुतले से रचाई शादी

- औरैया में लड़की लेकर आई बारात, दूल्हे के घर हुई विवाह की रस्में

- धूमधाम से हुआ विवाह

By: Karishma Lalwani

Published: 17 Jun 2020, 04:10 PM IST

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बेटे ने अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए लकड़ी के पुतले से शादी कर ली। पहले तो बेटे ने पिता की मांग का विरोध किया था लेकिन बाद में मान गया। पिता का मन रखने के लिए बेटे ने लकड़ी के पुतले के साथ सभी रस्मों के निभाते हुई ब्याह रचाया। भोज का भी आयोजन किया गया। संगमनगरी में हुई ये शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।

यमुनापार के घूरपूर थाना क्षेत्र में मनकवार गांव के मजरा भैदपुर निवासी शिवमोहन (90) के 9 बेटे हैं। सबसे छोटे पुत्र पंचराज की उम्र 32 साल है। पंचराज के सभी भाइयों की शादी हो चुकी है और सभी ने अपनी घर गृहस्थी भी बसा ली है। लेकिन पंचराज की अभी तक शादी नहीं हुई। पिता शिवमोहन की इच्छा थी कि आंखें बंद होने से पहले बेटे की शादी होते देख लूं। पिता की चाहत को देखते हुए परिवार ने लड़की ढूंढना शुरू कर दिया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। अंत में किसी ने सलाह दी कि पंचराज की शादी लकड़ी के पुतले से करा दी जाए, इस तरह पंचराज विवाहित कहलाएगा।

पिता की अंतिम इच्छा की पूरी

पहले पंचराज ने इस फैसले का विरोध किया। लेकिन जब लगा कि इसी खुशी में पिता की अंतिम इच्छा छिपी है तो वह तैयार हो गया।शुभ मुहूर्त निकलवाया गया और पूरे रस्म-ओ-रिवाज के साथ धूमधाम से पंचराज की पुतले से शादी कर दी गई। इस अवसर पर भोज भी आयोजित किया गया। इस शादी के साक्षी बने मनकवार गांव के पूर्व प्रधान राजेश कुमार खन्ना। उन्होंंने बताया कि बेटे ने पिता का मान रखने के लिए और अपने सिर से कुंवारापन दूर करने के लिए वैदिक पुरोहितों से सलाह के बाद ये कदम उठाया है।

दुल्हन लेकर आई बारात

औरैया में लॉकडाउन के चलते शादी टली तो सब्र का बांध तोड़ चुकी दुल्हन ही बारात लेकर दुल्हे के द्वार पहुंच गई। दरअसल, एक माह पहले औरैया क्षेत्र के गांव रुरुगंज निवासी अंकित कुमार (21) की शादी गांव लुधियानी बकेवर इटावा निवासी आरती देवी (19) की शादी तय हुई थी। लेकिन लॉकडाउन के कारण तिथि आगे बढ़ गई और शादी 15 जून को तय की गई। इधर, लॉकडाउन में ढील मिली तो लड़की पक्ष के लोग रुरुगंज पहुंच गए। 15 जून की रात रीति रिवाज के अनुसार विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लड़की पक्ष के 10 तो लड़के पक्ष के पांच लोग मौजूद रहे। सोशल डिस्टेंस और नियमों का पालन करते हुए विवाह संपन्न हुआ।

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Karishma Lalwani
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