संतो की हत्या पर उद्धव ठाकरे की सीाईडी जांच पर भरोसा नही , सीबीआई जाँच की मांग

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने की मांग

प्रयागराज | महाराष्ट्र के पालघर में जूना अखाड़े के दो महात्माओं की हुई नृशंस हत्या की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की है। साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार की सीाईडी जांच पर उन्हें कतई भरोसा नहीं है। इसलिए उन्होंने केन्द्र सरकार से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई या किसी अन्य स्वतन्त्र ऐजेन्सी से कराये जाने की मांग की है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि इस मामले में कार्रवाई के नाम पर अब तक महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने दो अधिकारियों को निलम्बित किया है और सीाईडी जांच बैठायी है। जिससे संत समाज किसी भी तरह से भी संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा है कि संतों की हत्या को उद्धव ठाकरे सरकार हल्के में लेने की कतई भूल न करे। क्योंकि बच्चा चोर कहकर संतों की हत्या की गई है और इसमें स्थानीय वामपंथी और कम्युनिस्ट नेताओं के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है।


उन्होंने कहा है कि जानबूझकर भगवाधारी महात्माओं की हत्या की गई है। महंत नरेन्द्र गिरी ने साफ तौर पर कहा है कि इस घटना को साम्प्रदायिकता से जोड़ना ठीक नहीं है, लेकिन जो भी घटना के लिए दोषी हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। महंत नरेन्द्र गिरी ने महाराष्ट्र सरकार को चेतवानी देते हुए कहा है कि अगर सरकार को यह भ्रम है कि संत केवल कहते हैं और कुछ करते नहीं हैं, तो सरकार को अब समय रहते चेत जाना चाहिए। क्योंकि तीन मई को लाक डाउन समाप्त होने के बाद अखाड़ा परिषद की एक बैठक होगी।


जिसके बाद नागा सन्यासियों के साथ लाखों साधु संत महाराष्ट्र कूच करेंगे। महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जूना अखाड़े के दो महात्माओं की हत्या पर आज अवार्ड वापसी गैंग से लेकर तमाम विपक्षी दलों नेता मौन साधे हुए हैं। इसके साथ ही देश की छोटी-छोटी घटनाओं पर ट्वीट और सोशल मीडिया के जरिए सनसनी फैलाने वाली फिल्मी हस्तियों, बुद्धिजीवियों और लेखकों की भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है। महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि लेकिन अगर किसी दूसरे धर्म के किसी धर्म गुरु की हत्या हुई होती तो ये तथाकथित लोग अब आसमान सर पर उठा लिए होते। उन्होंने महात्माओं की हत्या के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

प्रसून पांडे
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