बड़ी खबर: पैरा मेडिकल स्टाफ भर्ती निरस्त करने पर विचार कर रही यूपी सरकार

अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी व अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता शशांक शेखर सिंह ने कोर्ट को जानकारी दी कि सरकार 2016 की भर्ती को निरस्त करने पर विचार कर रही

By: Ashish Shukla

Published: 04 Jan 2018, 09:59 PM IST

इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैरा मेडिकल स्टाफ भर्ती परीक्षा 2013 व 2016 की वैधता की चुनौती याचिकाओं की अगली सुनवाई 1 फरवरी की तिथि तय की है। भर्ती नियमों में बदलाव व भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कराए जाने के निर्णय को लागू करने के लिए सरकार ने समय मांगा।

अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी व अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता शशांक शेखर सिंह ने कोर्ट को बताया कि सरकार 2016 की भर्ती को निरस्त करने पर विचार कर रही है। प्रदेश के बाहर की डिग्रियों को भी चयन की अर्हता में शामिल करने पर भी विचार हो रहा है। दूसरे प्रदेश के डिग्री धारकों ने चयन की वैधता को चुनौती दी है।

 

सीबीआई की लचर प्रगति रिपोर्ट पर कोर्ट नाराज

वहीं एक और मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर की मेसर्स राजेन्द्रा स्टील कम्पनी लिमिटेड की सम्पत्तियों की जाँच कर रही सी.बी.आई. की लचर प्रगति रिपोर्ट पेश करने पर नाराजगी जाहिर की और 8 जनवरी 18 को बेहतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने पूर्व श्रमिक सती राम यादव व अन्य की अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है। करोड़ों की अचल संपत्ति को कम्पनी समापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद कम्पनी के निदेशकों ने अवैध रूप से दूसरों को कब्जा सांैप दिया। कोर्ट ने निदेशकों के खिलाफ कार्यवाही करने तथा इस घपले की जाँच सी.बी.आई. को सौंपा है। कई वर्षों से जाँच नतीजे पर नहीं पहुच पा रही है। सुनवाई 8 जनवरी को होगी।

 

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने चंद्रिका व 25 अन्य की याचिका पर दिया है। मालूम हो कि 5626 पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती का 2016 में विज्ञापन निकाला गया जिसमें प्रदेश के बाहर की डिग्री धारकों को चयन में शामिल नहीं किया गया। जिस पर याचिकाएं दाखिल हुई। 2013 की भर्ती को भी चुनौती दी गयी है। कोर्ट ने चयन पर रोक नहीं लगाया किन्तु कहा कि चयन याचिका के निर्णय पर निर्भर करार दिया है।

 

इस चयन में हजारों नियुक्त हो चुके है। उन्हें याचिका में पक्षकार भी नहीं बनाया गया है। 2016 की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अब सरकार के नियमों व चयन प्राधिकारी में बदलाव करने फैसले के चलते कोर्ट ने कृत कार्यवाही की जानकारी पेश करने को कहा है।

Ashish Shukla
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