श्री राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप का बड़ा निर्णय,सवा लाख स्थानों पर एक साथ शुरू होगा अभियान

 

देश भर में हिन्दुओ को एक जुट करने के लिए विहिप ने शुरू किया अभियान

 

प्रयागराज । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार अपने दो साल के कार्यकाल में सरकार की तमाम उपलब्धियों को चुनावी मंच से लोगों तक पहुंचा रहे हैं। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार बनने में जिन मुद्दों पर नरेद्र मोदी ने चुनावी कार्ड खेला था उसे लेकर लोगों में नाराजगी है। जिनमे सबसे अहम श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण का मुद्दा शामिल है। अभी तक श्री राम मंदिर निर्माण की राह का रोड़ा खत्म नहीं हुआ, रामलला को लगातार सुप्रीम कोर्ट से तारीख की मिल रही है। कुल मिलाकर मामला अभी तक लंबित है। और भाजपा भी इस मुद्दे पर मंचो से कुछ बोल नही रही।

विहिप करेगा राम विनती
चुनावी मौषम में विश्व हिंदू परिषद एक बार फिर देश भर में राम नाम का माहौल बनाने की तैयारी कर रही है। श्री राम मंदिर निर्माण में अवरोध खत्म हो उसके लिए विश्व हिंदू परिषद श्री राम से विनती करेगी। जिसका एलान बीते जनवरी माह में प्रयागराज कुंभ मेले में विहीप की धर्म संसद में किया था।।श्री राम मंदिर निर्माण की सुनवाई में गति आए रामलला के जन्म स्थान पर मंदिर का निर्माण हो सके मंदिर निर्माण की राह में आ रहे व्यवधान समाप्त हो। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद और श्री राम से विनती करेगी संगठन को विश्वास है कि राम नाम जपने से मंदिर निर्माण के अवरोध समाप्त हो जाएंगे।

एक साथ सवा लाख स्थानों पर होगा जाप
केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार सत्ता में है। इसके बावजूद श्री राम मंदिर निर्माण की दिशा में जनभावना के अनुरूप भाजपा द्वारा कार्यवाही कराने में विफल रहने पर संतो व हिंदू धर्मावलंबियों की नाराजगी झेलनी पड़ी है। इसे खत्म करने को विश्व हिंदू परिषद आगामी 6 अप्रैल चैत्र प्रतिपदा पर विजय महामंत्र" श्री राम जय राम जय जय राम" का जाप शुरू करने जा रही है। विहिप ने तय किया है की श्री राम नाम प्रति व्यक्ति 13 माला जाप कराएगी। यह अनुष्ठान सुबह 8 बजे से 9 बजे तक देशभर में सवा लाख स्थानों पर एक साथ होगा । विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ,महामंत्री मिलिंद पराडे, संगठन मंत्री विनायकराव देशपांडे केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज के निर्देशन में अनुष्ठान कार्यक्रम देशभर में चलाया जाएगा जिससे विहिप देशभर में हिंदुओं को एकजुट करना चाहती है।

1992 में भी चला था अभियान
विश्व हिंदू परिषद ने सबसे पहले 1992 में राम नाम का जप कराया था। इसके बाद अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया फिर वर्ष 2002 में राम नाम जप हुआ। विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश प्रवक्ता शर्मा ने फोन पर बताया कि संगठन ने जब जो राम नाम का जप कर आया है, तब श्री रामलला के मंदिर निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़े है। इस बार राम नाम जप करने से मंदिर निर्माण की राह में आ रहे अवरोध समाप्त होंगे।

गाँव -गाँव होगा जाप
विश्व हिंदू परिषद राम नाम जप के जरिए संतो को जोड़कर उनकी नाराजगी दूर करना चाहती है। इसके लिए जहां जहां राम नाम जप होगा वहां के स्थानीय संतों को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जाएगा अनुष्ठान में संतों का व्याख्यान होगा। राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों की अपेक्षा पर आधारित रिपोर्ट तैयार होगी। यह रिपोर्ट जिला स्तर पर तैयार की जाएगी। जो विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी केंद्रीय टीम रिपोर्ट के आधार पर आगे की मुहिम खाका का तैयार करेगी।

हिन्दुओ को एक जुट करने की कोशिश
विश्व हिंदू परिषद श्री राम मंदिर निर्माण के लिए भले ही राम नाम जप करने जा रही हो। लेकिन इसका असर चुनाव पर जरूर पड़ेगा ।राम नाम जप के जरिए गांव- गांव हिंदुत्व के मुद्दे को पहुंचाने और हिंदुओं को एकजुट करने में अहम रोल साबित होने जा रहा है।

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प्रसून पांडे
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