मुख्तार, अतीक के बाद बाहुबली वजिय मिश्रा की सम्पत्तियां होंगी कुर्क, बेनामी सम्पत्तियों की छानबीन शुरू

जेल में बंद ज्ञानपुर के विधायक बाहुबली विजय मिश्रा की भी सम्पत्तियां जब्त की जाएंगी। इलाहाबाद पुलिस उनकी बनामी और अवैध सम्पत्तियों की जानकारियां जुटाने में जुटी है। उधर भदोही पुलिस उनके परिवार के सात असलहों के लाइसेंस भी निरस्त कराकर उन्हें जब्त करने की कार्यवाही में जहुट गई है। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हमले के मुुुख्य आरोपी रहे हैं विजय मिश्रा। बाहुबली मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और दिलीप मिश्रा की करोड़ों की सम्पत्तियों को पहले ही कुर्क किया जा चुका है।

 

प्रयागराज. यूपी में बाहुबलियों, माफिया और अपराधियों को लेकर सरकार और पुलिस ने बेहद सख्त है। इन्हें न सिर्फ जेल का रास्ता दिखाया जा रहा है, बल्कि अपराध के बल पर खड़े आर्थिक साम्राज्य को भी ध्वस्त ध्वस्त हो रहे हैं। अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्तियां कुर्क कर उसे कब्जे में ली जा रही हैं। माफिया और उनके गैंग की कमर तोड़ने के लिये उनके असलहे भी जब्त हो रहे हैं। बाहुबली मुख्तार अंसारी, पूर्व सांसद बाहुबली अतीक अहमद और माफिया दिलीप मिश्रा के बाद इस कार्रवाई की जद में ज्ञानपुर से बाहुबली विधायक विजय मिश्रा भी आ गए हैं। एक तरफ उनके परिवार के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर कब्जे में लेने की कवायद शुरू हो गई है तो दूसरी ओर उनकी बेनामी सम्पत्तियों को भी कुर्क करने की तैयारी है।

 

इलाहाबाद में बाहुबली अतीक अहमद और माफिया दिलीप मिश्रा के बाद विजय मिश्रा की अवैध सम्पत्तियां भी कुर्क की जाएंगी। विजय मिश्रा का इलाहाबाद से पुराना कनेक्शन है। उनका परिवार शहर में रहता है। अब यहां पुलिस प्रशासन उनकी अवैध सम्पत्तियों की जांच कर उन्हें कुर्क करने की कवायद में जुट गई है। उनकी सम्पत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आईजी रेंज इलाहाबाद केपी सिंह ने मीडिया को बताया है कि माफियाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजय मिश्रा की अवैध संपत्तियों के बारे में भी सुराग लगाया जा रहा है। जल्द ही बेनामी संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की जाएगी।


परिवार के असलहे होंगे निरस्त

73 मुकदमों के आरोपी विजय मिश्रा के जेल जाते ही पुलिस ने उनके अपराध की जड़ें खंगालनी शुरू कर दी हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके रिश्तेदार पर मानक से अधिक बालू डम्पिंग को लेकर कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया गया। इसके बाद भाजपा विधायक की शिकायत पर जांच के बाद विजय मिश्रा को सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोपी पाए जाते हुए पंच लाख से अधिक का जुर्माना लगाते हुए जमीन से बेदखल किया गया। अब भदोही पुलिस ने विजय मिश्रा, उनकी पत्नी एमएलसी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा के कुल सात असलहों के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें कब्जे में लेने की कवायद में जुटी है। इसके लिय रिपोर्ट भी जिलाधिकारी को भेज दी गई है।

 

 

पत्नी व बेटे को भी खोज रही पुलिस

रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी की ओर से मकान कब्जाने और फर्म पर कब्जा करने के आरोप में विजय मिश्रा, उनकी एमएलसी पत्नी और बेटे के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद विधायक को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह चित्रकूट जेल में बंद हैं। पत्नी और बेटे को भी कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस अब उन दोनों की गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है।

 

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी पर हमले में थे मुख्य आरोपी

2010 में तत्कालीन बसपा सरकार में मंत्री रहते हुए वर्तमान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए आरडीएक्स हमले में तब सपा विधायक रहे विजय मिश्रा को मुख्य अभियुक्त बनाया गया था। इसके बाद से वो फरार चल रहे थे। तब ढाई लाख के ईनामी विजय मिश्रा को यूपी एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था, जहां वो साधू के वेष में छिपे थे।

 

मुख्तार अतीक की करोड़ों की सम्पत्ति हुई कुर्क

यूपी पुलिस ने बाहुबली मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद, उनके करीबियों और गैंग पर ताबड़तोड़ कार्रवाईयां की हैं। उनके परिवार, करीबियों और गैंग से जुड़े सदस्यों के असलहे जब्त कर लिये गए हैं। मुख्तार की पत्नी और बेटों के नाम पर बनी अवैध सम्पत्तियों को ढहाकर जमीन सरकार ने अपने कब्जे में ले ली है। अब तक मुख्तार से जुड़ी करीब 80 करोड़ की सम्पत्तियां कार्रवाई की जद में आ चुकी हैं। इसी तरह अतीक अहमद की भी करीब 60 करोड़ की सम्पत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

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रफतउद्दीन फरीद
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