जब संसद में हुई थी बाहुबली की इंट्री और कद्दावर नेता को मिली थी हार

जब संसद में हुई थी बाहुबली की इंट्री और कद्दावर नेता को मिली थी हार
Atiq Ahmed

Sarweshwari Mishra | Updated: 03 Apr 2019, 12:50:12 PM (IST) Allahabad, Allahabad, Uttar Pradesh, India

टूट गये थे जातीय समीकरण,भाजपा को लगा था बड़ा झटका

प्रसून पाण्डेय
प्रयागराज. जिले की दोनों लोकसभा सीट आजादी के बाद से लगातार वीआईपी सीटों में शुमार रही। फूलपुर लोकसभा और इलाहाबाद लोकसभा सीट पर कई बार हुआ जब जीत से ज्यादा हार देश भर की सुर्खियों में छाई रही। एक बार फिर दोनों सीटों पर बड़ी लड़ाई की उम्मीद है। 2004 लोकसभा चुनाव भी ऐसा ही रहा । इलाहाबाद सीट से कद्दावर भाजपा नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी की हार हुई। जिसने सबको चौका दिया था। तो वहीं फूलपुर लोकसभा सीट पर 2004 में अतीक अहमद की जीत लोगों के जेहन में आज भी उसी तरह ताजा है। जिसने पहली बार फूलपुर लोकसभा सीट पर जातीय समीकरण से अलग जीत दर्ज की थी।

जातीय समीकरण टूटा
2004 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के तत्कालीक मुखिया मुलायम सिंह यादव ने तत्कालीन सांसद धर्मराज सिंह पटेल का टिकट काटकर अतीक अहमद को फूलपुर लोकसभा से चुनाव मैदान में उतारा। सांसद बनने से पहले अतीक अहमद इलाहाबाद शहर पश्चिमी से विधायक थे। इस चुनाव में माना जा रहा था कि धर्मराज पटेल को उम्मीदवार न बनाने पर फूलपुर लोकसभा बाहुल्य जाति वाले पटेलों की नाराजगी के चलते फूलपुर सीट पर समाजवादी पार्टी का जीतना मुश्किल है। लेकिन पार्टी के तत्कालीन मुखिया मुलायम सिंह यादव की पांच जनसभाओं ने ऐसा माहौल बनाया कि बाहुबली अतीक अहमद ने पहली बार में ही संसद में इंट्री पा ली।अतीक की जीत ने सभी को चौका दिया था।

गजब था बसपा का प्रचार अभियान
वहीं बहुजन समाज पार्टी पांच बार की ब्लॉक जिला पंचायत अध्यक्ष रही केसी देवी पटेल पर दांव लगाया था। केशरी देवी ने मजबूत चुनाव लड़ा केशरी देवी पटेल का चुनावी अभियान देखकर सभी राजनीतिक दलों में खौफ था। केशरी देवी के साथ हजारों महिलाए चलती थी। सभी वर्ग का समर्थन था लेकिन केशरी देवी पटेल चुनाव में अतीक अहमद से पीछे रही दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। वहीं दो बार से लगातार दूसरे स्थान पर रहने वाले भाजपा के प्रत्याशी बेनी माधव बिंद इस बार तीसरे पायदान पर खिसक गए थे । आजादी के बाद से पहली बार बेनी माधव दो बार से फूलपुर लोकसभा की फाईट में थे। अपना दल के संस्थापक डॉ सोनेलाल पटेल चौथे स्थान पर रहे और कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में उतरे राम पूजन पटेल पांचवें स्थान पर फिसल गए थे।

हैट्रिक के बाद मिली बड़ी हार
इलाहाबाद लोकसभा सीट पर चुनाव बेहद रोचक था इलाहाबाद सीट पर 3 बार जीत की हैट्रिक लगाने वाले भाजपा नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी को इस बार सपा के कुंवर रेवती रमण सिंह से पराजय मिली थी। कुँवर रेवती रमण पिछले चुनाव यानी 1999 के चुनाव में डॉ जोशी से पीछे रहे थे। वहीं कांग्रेस पार्टी ने डॉ रीता बहुगुणा जोशी के स्थान पर सत्य प्रकाश मालवीय को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन सत्य प्रकाश मालवीय भी बड़ा कारनामा न कर चौथे स्थान पर ही रह गए। बसपा के टिकट पर इलाहाबाद लोकसभा सीट पर आरके सिंह इस बार तीसरे स्थान पर थे।

 

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