इलाहाबाद का नाम बदलने का सीएम योगी ने किया एलान,इस दिन होगी नए नाम की घोषणा

इलाहाबाद का नाम बदलने का सीएम योगी ने किया एलान,इस दिन होगी नए नाम की घोषणा

Prasoon Kumar Pandey | Publish: Oct, 13 2018 11:59:28 PM (IST) Allahabad, Uttar Pradesh, India

मुख्यमंत्री ने कहा अब इस नाम से जाना जायेगा इलाहाबाद

इलाहाबाद:आगामी कुंभ से पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया जाएगा। इसका घोषणा शनिवार को संगम नगरी में मार्गदर्शक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री संगम नगरी में कुंभ के मद्देनजर चल रहे कार्य की समीक्षा के लिए दो दिवसीय दौरे पर आए है। कुंभ के लिए बनाए गए मार्गदर्शक मंडल के राज्यपाल राम नाईक अध्यक्ष है।मार्गदर्शक मंडल की पहली बैठक शनिवार को पूरी हुई जिसमें राज्यपाल सहित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले के साथ अखाड़ा परिषद सहित अन्य धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के लोग उपस्थित हुए।

मार्ग दर्शक मंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि संतों और गणमान्य लोगों ने इलाहाबाद का नाम प्रयाग राज किए जाने का प्रस्ताव दिया है। जिसे सरकार की ओर से पहले ही प्रयागराज प्राधिकरण का गठन करके सिद्धांत रूप से मंजूरी दी जा चुकी है।वहीं अब मार्गदर्शक मंडल की पहली बैठक में राज्यपाल के सामने यह प्रस्ताव आया जिस पर राज्यपाल ने अपनी सहमति जता दी है।उन्होंने कहा है कि दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में इसे सरकार से मंजूरी दे दी जाएगी। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों बरस पुराना प्रयागराज का नाम उसे वापस मिलेगा। प्रयाग के जनमानस की इस मांगका समर्थन सरकार करती है।उन्होंने कहा कि जहां दो नदियों का संगम होता है। उसे प्रयाग कहा जाता है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड में भी ऐसे कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग की जानकारी देते हुए बताया कि हिमालय से निकलने वाली देव तुल्य दो नदियों का संगम इस धरती पर होता है। यह तीर्थों का राजा है ।ऐसे में इसका मूल नाम इसे वापस मिलना चाहिए जो धार्मिक और सैद्धांतिक रूप से सही है।

मार्गदर्शक मंडल की पहली बैठक में सरकार और शासन के अलावा अन्य सामाजिक और धार्मिक संगठन के लोगों को आमंत्रित किया गया था। जिनसे कुंभ के कार्यों को लेकर सुझाव मांगे गए। गंगा प्रदूषण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री बोलते बोलते हुए कहा कि 15 दिसंबर के बाद कोई भी गंदा पानी गंगा में नहीं जाएगा। गांव गंगा के किनारे के गांव को ओडीएफ कर दिया जाएगा। और उसके लिए जागरुकता फैलाई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि गंगा की अविरल निर्मल धारा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। अपेक्षा है कि 8 से 10 क्यूसेक पानी कुंभ स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि कुंभ मेला में बिजली पानी खाद्य आपूर्ति सहित मूलभूत सुविधाओं का व्यापक प्रबंध किया जाएगा।

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