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अचेतावस्था में मिले 11 मोर, 8 की मौत, विसरा जांच के लिए जयपुर भेजा….पढ़े यह न्यूज

थानागाजी ब्लॉक के गांव क्यारा में मीन भगवान मंदिर परिसर में घने पेड़ों के बीच वनकर्मियों व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, मृत मोरों का दाह संस्कार किया।

अलवरJun 16, 2024 / 08:32 pm

Ramkaran Katariya

थानागाजी. ब्लॉक के गांव क्यारा में मीन भगवान मंदिर परिसर में घने पेड़ों के बीच सुबह ग्यारह एक साथ 11 अचेतावस्था में मिले। इनमें से आठ की मौत हो गई तथा तीन घायल मोरों का उपचार जारी है। मृत मोरों की विसरा जांच के लिए जयपुर भेजा गया है।
इतनी संख्या में मोरों के अचेतावस्था में पाए जाने की सुनते ही अनेकों ग्रामीण व युवा मीनेश मन्दिर पहुंचे। समाजसेवी जयराम मीणा ने थाना पुलिस, वनकर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस से हैडकांस्टेबल रमेशचंद मीना मय जाप्ते के पहुंचे। साथ ही वन विभाग रेंज थानागाजी से क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र कुमार सेन, फोरेस्टर रामवतार मीना वनकर्मियों की टीम के साथ पहुंच कर 5 घायल व 6 मृत मोरों को लेकर राजकीय पशु चिकित्सालय थानागाजी में पहुंचे, जहां उपचार के दौरान 2 और मोरों की मौत हो गई। सभी मृत 8 मोरों के सेम्पल (विसरा) लेकर पोस्टमार्टम करवा कर वन विभाग रेंज परिसर थानागाजी में नियमानुसार दफनाया गया, वही गम्भीर घायल 3 मोरों का पशु चिकित्सालय थानागाजी में उपचार किया जा रहा है।
जहरीले दाने से मारने की जताई संभावना

मोरों के मरने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया, लेकिन लोग जहरीले दाने से मारने की संभावतना जता रहे हैं। साथ ही ग्यारह मोर अचेतावस्था थे या इनकी संख्या ओर भी है। इस आशंका में इधर-उधर जाकर तलाश किया। इसके अलावा राष्ट्रीय पक्षी कैसे मरे, तापघात या कोई बीमारी या प्राकृतिक मौत तो हो नहीं। ज़हरीला दाना डाल कर साज़िश के तहत तो किसी ने नहीं मारा। इन सभी पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है। कुछ युवाओं का कहना है कि सुबह मन्दिर परिसर में आए तो घने पेड़ों के बीच कुछ आवाज सुनाई दी। वे उधर गए तो दो युवक उन्हें देख भाग गए। उन्होंने इधर उधर देखा तो जगह-जगह कुछ-कुछ दूरी पर मोर अचेत पड़े मिले, मौके पर चुग्गा बिखरा हुआ था। मोरों को जाल में फंसाने को बनाया गया लकड़ी का पिंजरा भी पाया गया है। राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत की सूचना पर एलपीएस विकास संस्थान से प्रकृतिप्रेमी रामभरोस मीना मौके पर पहुंचे। उन्होंने जहरीले दाने से मोरों के मारे जाने की संभावना जताई है। इस दौरान अनेको ग्रामीण मौजूद रहे।
विसरा जांच के लिए जयपुर भेजा है

क्षेत्रीय वन अधिकारी, थानागाजी जितेंद कुमार सेन का कहना है कि सभी मृत मोरों का राजकीय पशु चिकित्सालय थानागाजी में पोस्टमार्टम करवा नियमानुसार पुलिस व प्रशासन, राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रेंज परिसर में दाह संस्कार किया गया। मृत मोरों के सेम्पल (विसरा) लेकर जांच के लिए जयपुर भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता हैं, मामले की जांच जारी है।

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