scriptप्रथम सेमेस्टर में 15 फीसदी विद्यार्थी पास, ड्यू वालों को फिर से देनी पड़ेगी परीक्षा | Patrika News
अलवर

प्रथम सेमेस्टर में 15 फीसदी विद्यार्थी पास, ड्यू वालों को फिर से देनी पड़ेगी परीक्षा

जिले में संचालित सरकारी, निजी विश्वविद्यालय व कॉलेजों में सत्र 2023-24 में पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत सेमेस्टर प्रणाली के अनुसार स्नातक परीक्षाएं हुईं, लेकिन विद्यार्थियों को सेमेस्टर प्रणाली रास नहीं आई। प्रथम सेमेस्टर में 35 हजार विद्यार्थी बैठे। शुक्रवार को जारी संशोधित परीक्षा परिणाम केवल 15 फीसदी रहा है।

अलवरMay 19, 2024 / 07:48 pm

Pradeep

मत्स्य विश्वविद्यालय ने जारी किया था संशोधित परिणाम
पूर्व परीक्षा नियंत्रक को नोटिस, जांच कमेटी की गठित
अलवर. जिले में संचालित सरकारी, निजी विश्वविद्यालय व कॉलेजों में सत्र 2023-24 में पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत सेमेस्टर प्रणाली के अनुसार स्नातक परीक्षाएं हुईं, लेकिन विद्यार्थियों को सेमेस्टर प्रणाली रास नहीं आई। प्रथम सेमेस्टर में 35 हजार विद्यार्थी बैठे। शुक्रवार को जारी संशोधित परीक्षा परिणाम केवल 15 फीसदी रहा है। शेष 85 प्रतिशत विद्यार्थियों के कई पेपर ड्यू रह गए हैं। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश है। मत्स्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी करते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है।
इन कारणों से विद्यार्थियों को हुआ नुकसान

  • मत्स्य विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर के लिए एक माह बाद सिलेबस जारी किया। सिलेबस का निर्धारण भी ठीक से नहीं होने से विद्यार्थियों को नुकसान हुआ।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विषयों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी ही नहीं दी गई।
  • मत्स्य विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सरकारी कॉलेजों में सिलेबस पूरा नहीं हुआ।
  • पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
  • ज्यादातर समय कॉलेजों का स्टाफ चुनाव की तैयारी में जुटा रहा। कॉलेजों में कक्षाएं नहीं लगीं। सिलेबस आधा-अधूरा ही हो पाया। उसके बाद परीक्षाएं शुरू हो गईं।
किस आधार पर दोबारा जारी किया परिणाम?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम सेमेस्टर का परिणाम जारी किया था, लेकिन शुक्रवार को फिर से रिवाइज परिणाम जारी किया गया। शिक्षाविद् सवाल उठा रहे हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दोबारा परिणाम किस नियम के तहत जारी किया गया? बताया जाता है कि परीक्षा परिणाम की आंसर-की में कुछ प्रश्नों के उत्तर गलत हो गए। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने इसमें सुधार करते हुए दोबारा परिणाम जारी किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सेमेस्टर प्रणाली शुरू करने के बाद सिलेबस जारी नहीं गया। चुनावों के चलते कक्षाएं भी समय पर नहीं लगा पाए। साथ ही विद्यार्थियों को एनईपी-2020 को पूर्णरूप से समझने का अभाव रहा। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एक बार विद्यार्थियों का परिणाम जारी करने के बाद दोबारा परिणाम किस आधार पर जारी किया है। इससे विद्यार्थियों को संदेह है।
  • अशोक आर्य, प्राचार्य, कला कॉलेज, अलवर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद पहली बार विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षा की तर्ज पर परीक्षाएं दीं। यानी परीक्षा में बहुवैकल्पिक प्रश्न आए। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। परिणाम में उतार-चढ़ाव भी हुआ है। आगामी परीक्षा में भी बहुवैकल्पिक प्रश्न आएंगे। एक-दो सेमेस्टर के बाद यह रूटीन में आ जाएगा। इस बार विद्यार्थियों को परीक्षा का पैटर्न कुछ अटपटा लगा होगा, लेकिन एनईपी-2020 प्रणाली आने वाले भविष्य में कारगर साबित हो सकती है।
  • रेखा शर्मा, पूर्व प्राचार्य, जीडी कॉलेज, अलवर
द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा में किया संशोधन
अलवर. राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय में बीकॉम प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के पूर्व में जारी कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। प्राचार्य प्रो. सत्य भान यादव ने बताया कि पूर्व में ये टेस्ट 20 मई से 28 मई के मध्य आयोजित किए जाने थे, लेकिन इसमें बदलाव करते हुए अब 20 मई को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे के मध्य बि•ानेस स्टेटिस्टिक्स, बिजनेस लॉ 22 मई को इंडियन बैंङ्क्षकग एंड फाइनेंस सिस्टम, अनिवार्य हिन्दी तथा 23 मई को सामान्य अंग्रेजी. डिजिटल एनहैंसमेंट, इफेक्टिव कम्युनिकेशन स्किल विषय के टेस्ट होंगे।

Hindi News/ Alwar / प्रथम सेमेस्टर में 15 फीसदी विद्यार्थी पास, ड्यू वालों को फिर से देनी पड़ेगी परीक्षा

ट्रेंडिंग वीडियो