गूंता गोशाला में सवा तीन माह में 45 गायों की मौत

पशुपालन विभाग की मेडिकल टीम ने बीमार गायों का उपचार शुरू किया

By: Shyam

Updated: 06 Jan 2020, 01:56 AM IST

अलवर. बानसूर क्षेत्र के गूंता गांव में स्थित बाबा खेतानाथ गोशाला में पिछले कई महीनों से लगातार हो रही गोवंश की मौत का मामला सामैैैैैैने आने के बाद रविवार को स्थानीय तहसीलदार एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक सहित पशु चिकित्सकों की मेडिकल टीम गोशाला पहुंची। पशुपालन विभाग की मेडिकल टीम ने बीमार गायों का उपचार शुरू किया।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया पिछले दिनों पड़ी अधिक ठंड एवं प्लास्टिक खाने से सवा तीन महीनों में 45 कमजोर गायों की मौत हुई है। मेडिकल टीम की ओर से रविवार को तीन गायों का ैपोस्टमार्टम किया गया। तहसीलदार जगदीश प्रसाद बैरवा ने बताया कि गायों की लगातार हो रही मौत के बाद ग्रामीणों की सूचना पर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक रमेश चंद्र मीणा के नेत्तृत्व में टीम बानसूर की गूंता शाहपुर गोशाला पहुंची। गोशाला के बाहर गोवंश के 70 से अधिक कंकाल पाएं गए। जिन सभी को ग्रामीणों की मदद से जेसीबी से दफना दिया गया। तहसीलदार ने बताया कि गोशाला का रिकार्ड की जांच की तो गोशाला प्रबंधन में 26 सितंबर से 4 जनवरी तक सवा तीन महीनों में 45 गोवंश की मौत स्वीकार की है। गोशाला में सुविधा का अभाव होने के कारण गोशाला कमेटी की ओर से गाये मरने मृत गायों को गोशाला के बाहर फेंक दिया जाता है। जिससे कंकाल एकत्रित हो गए। मेडिकल टीम की ओर से बताया कि गोशाला में गायों की मौत कोई बीमारी एवं संक्रमण से नहीं हुई। अधिक सर्दी एवं गोतस्करों से छुड़वाकर गायों को गोशाला भिजवाया जाता है। ऐसे में गोतस्करों से छुड़वाई गई गायें कमजोर स्थिति में होती है। जिससे गायों की मौत हो जाती है। इस गोशाला में पिछले वर्ष गर्मियों में आंधी तूफान में गोशाला में लगी हुई टीन शेड उड गई थी। इसके बाद से टीन नहीं लगवाई गई। अधिक सर्दी पडऩ़े से गायों की मौत हो गई। वर्तमान में गोशाला में करीब 550 गोवंश है। इस मौके पर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक संजय चौधरी, चिकित्सक प्रवीण नारनौलिया, संदीप, डॉ. कैलाश शर्मा सहित मेडिकल टीम के सदस्य एवं ग्रामीण मौजूद थे।

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