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अलवर

नए कानून लागू होने बाद पुलिस थानों में इनके अनुसार ही दर्ज होगी एफआईआर….पढ़ें यह न्यूज

जुलाई से नए कानून होंगे लागू, बदलेंगी कई धाराएं। जिले के सभी थानों में एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस कर्मचारियोंं को दिया इसका प्रशिक्षण।

अलवरJun 29, 2024 / 06:56 pm

Ramkaran Katariya

नौगांवा. एक जुलाई से लागू हो रही कानून की नवीन विधियों के लागू होने बाद पुलिस थानों में भी नए कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज होगी, इसके लिए हाल ही में जिले के सभी थानों में एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस कर्मचारियोंं को इसका प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा जिला स्तर पर जिला न्यायालय में संगोष्ठी आयोजित कर कानून से जुडी नवीन जानकारी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों एवं आमजन को भी उपलब्ध कराना शामिल है।
अभियोजन विभाग अलवर के उप निदेशक आवेश सिंह ने बताया कि अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र कुमार एवं सतीश सैनी को मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया है, जो सभी उपखण्ड स्तर पर होने वाली संगोष्ठियों में कानून की नवीन विधियों की जानकारी देकर जागरूक करेंगेे।
ये होंगे लागू

उपनिदेशक आवेश सिंह ने बताया कि प्रदेश में 01 जुलाई 2024 से भारतीय दण्ड संहिता 1860 के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के स्थान पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 तथा भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की जा रही है। इनमें पूर्व में लागू अधिनियम को विलोपित नहीं कर नए अधिनियम को पुनर्स्थापित किया गया है।
निर्णय सुनाने की समय सीमा तय

नवीन विधियों में जो मुख्यत: प्रावधान जोड़े गए हैं, उनमें अपराधों के अनुसंधान व समन/वारण्ट की तामील में इलेक्ट्रोनिक संचार साधनों को उपयोग में लेना, विधि विज्ञान का अधिकतम उपयोग, समयबद्ध अनुसंधान, विचारण एवं निर्णय सुनाने के लिए समय सीमा तय की गई है। पीडि़त को प्रथम सूचना की प्रति देना तथा अनुसंधान की प्रगति रिपोर्ट से सूचित किए जाने का प्रावधान भी किया गया है। दोनों ही प्रावधान डिजिटल माध्यम से काम में लिए जा सकते हैं। 7 वर्ष या उससे अधिक सजा के दण्डनीय अपराधों के प्रकरणों को संबंधित सरकार की ओर से ही न्यायालय से वापस करने पर पीडि़त पक्ष को सुना जाना आवश्यक किया गया है। छोटे व कम गंभीर प्रकृति के अपराधों का संक्षिप्त विचारण किए जाने का आज्ञापक प्रावधान किया गया है। अभियुक्त व्यक्ति की इलेक्ट्रॉनिक साधनों से जांच विचारण किए जाने का प्रावधान भी किया गया है।
नए कानून में यह है खास

अभियोजन विभाग अलवर के उपनिदेशक आवेश सिंह ने जानकारी दी कि नए कानून के तहत अब घटना की रिपोर्ट देश के किसी भी थाने में जीरों एफआईआर के रूप में दर्ज होगी और 3 दिन के अन्दर सम्बन्धित थाने में दर्ज होगी। इसके लिए घटनास्थल वाले थाने अथवा फरियादी को सम्बन्धित थाने में जाने के लिए परेशान नहीं होना पडेगा। इसके अलावा अब लूट, चोरी अथवा माल जब्त की पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी की जाएगी और उसका पूरा ब्यौरा दर्ज करना होगा। ब्यान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में आने की आवश्यकता नहीं होगी। पीडित के ब्यान वीडियो काँन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी दर्ज हो सकेंगे।

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