अलवर शहर की समस्याओं को लेकर शहर वासियों ने इन्हें ठहराया जिम्मेवार

अलवर की जनता इन दिनों शहर की समस्याओं से दुखी है, अलवर की जनता ने अलवर के हालातों को लेकर इन्हें जिम्मेवार ठहराया है।

By: Dharmendra Adlakha

Published: 10 Feb 2018, 11:25 AM IST

अलवर. नगर परिषद अलवर शहर में सफाई और रोडलाइट जैसी मूलभूत सुविधा मुहैया कराने में विफल रही है। अलवर शहर के लोगों को बजट कितने करोड़ का है, इससे ज्यादा सरोकार नहीं है, बल्कि परिषद शहर की समस्याओं के समाधान के लिए क्या नए प्रावधान करती है, इसमें रुचि ज्यादा है। लोगों का मानना है कि अलवर शहर साफ और सुंदर दिखाई दिखे, यही सबसे बड़ी जरूरत है। शहर की बिगड़ती व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधि भी कम जिम्मेवार नहीं हैं, जो शहरवासियों के प्रति दायित्व निभाने में ज्यादा सजग नहीं रह पाए। राजस्थान पत्रिका की ओर से शुक्रवार को अलवर शहर की प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों व कच्ची बस्तियों में रहने वाले 1280 लोगों से नगर परिषद की ओर से पेश किए जाने वाले बजट और शहर की सरकार के बजट से लोगों की उम्मीदों को लेकर सर्वे किया। सर्वे के दौरान लोगों से पांच सवाल किए तो लोग नगर परिषद की कार्यशैली से ही नहीं जन प्रतिनिधियों की भूमिका से भी खफा दिखाई दिए। शहर के सर्वे में शामिल 88 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वे अलवर शहर की सफाई और रोड लाइट व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। शहर के सर्वे में शामिल अधिकतर लोगों का कहना है कि अलवर शहर में सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण और लावारिस पशु हैं। इस समस्या का समाधान होने पर शहर की छवि सुधर सकती है।

सार्थक प्रयास नहीं किए

सर्वे में यह बात सामने आई है कि लोगों का यह मानना है कि नगर परिषद की दुर्गति करने में जनप्रतिनिधि भी जिम्मेवार हैं। जन प्रतिनिधियों ने शहर की समस्याओं के समाधान की दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किए हैं।

1280 लोगों से किया सर्वे

सर्वे में ये पूछे सवाल
1.क्या आप अलवर शहर की सफाई और रोडलाइट व्यवस्था से संतुष्ट हैं?
2. अलवर शहर में लावारिस पशु और अतिक्रमण को बड़ी समस्या मानते हैं?
3. क्या आप मानते हैं कि नगरपरिषद के बड़े बजट से आम आदमी की समस्याओं का समाधान हो पाएगा?
4. क्या आप मानते हैं कि अलवर नगर परिषद अपने मूल कार्य करने में ही विफल रही है या सफल?
5. नगर परिषद की बिगड़ती कार्यशैली को लेकर आप सरकार को जिम्मेवार मानते हैं या स्थानीय जन प्रतिनिधियों को ?

इच्छा शक्ति से हो समाधान

राजस्थान पत्रिका की टीम ने लोगों से पूछा कि क्या बड़े बजट से अलवर शहर की समस्याओं का समाधान हो पाएगा? इस पर लोगों का कहना था कि बजट कम रुपयों का हो अधिक का, इससे कोई फर्क नहीं पडऩे वाला है। अलवर शहर में समस्याओं के समाधान के लिए बजट नहीं इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
शहर के सर्वे में शामिल 75 प्रतिशत लोगों का कहना है कि नगर परिषद का मूल काम सफाई का है। परिषद शहर को स्वच्छ बनाने में विफल रही है। इसके लिए उसने सार्थक प्रयास ही नहीं किए।

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