राज्य बजट: अलवरवासियों की उम्मीद अपार, घोषणाओं का इंतजार

अलवर. राज्य सरकार का बजट 20 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाना है। इस बार अलवर जिलावासियों को राज्य के बजट से कई उम्मीदें हैं। बजट प्रस्तावों में सरकार की ओर से प्रदेश स्तरीय घोषणाओं के अलावा अलवर जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, भिवाड़ी में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार सम्बन्धी घोषणा किए जाने का इंतजार है।

Prem Pathak

February, 1411:29 PM

अलवर. राज्य सरकार का बजट 20 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाना है। इस बार अलवर जिलावासियों को राज्य के बजट से कई उम्मीदें हैं। बजट प्रस्तावों में सरकार की ओर से प्रदेश स्तरीय घोषणाओं के अलावा अलवर जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, भिवाड़ी में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार सम्बन्धी घोषणा किए जाने का इंतजार है।

अलवरवासियों को राज्य बजट से सामान्य अस्पताल के शिशु वार्ड को अस्पताल का दर्जा दिए जाने की उम्मीद है। करीब 36 लाख की आबादी वाले जिले में शिशुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सामान्य चिकित्सालय में शिशु वार्ड है। शिशु अस्पताल नहीं होने से यहां सामान्य चिकित्सालय के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ से काम चलाना पड़ता है। साथ ही यहां शिशुओं के बेहतर इलाज के लिए संसाधनों की कमी है। संसाधनों की कमी के चलते पिछे दिनों अलवर के शिशु वार्ड में 22 दिन की अबोध बालिका की जलने से मौत हो गई। वहीं चिकित्सक व संसाधनों की कमी के चलते यहां हर दिन शिशु दम तोडऩे को मजबूर है। यही कारण वर्तमान में जिले में शिशुओं के इलाज के लिए अलग से अस्पताल या यूनिट स्थापित किए जाने की जरूरत है। अलग यूनिट स्थापित होने का लाभ यह होगा कि अलवर में शिशुओं के इलाज के लिए अलग से चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व संसाधन मिल सकेंगे।

एसपी बैठे, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का अभाव

राज्य सरकार ने पिछले महीनों भिवाड़ी को पुलिस का नया जिला घोषित कर अलग से पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति कर दी। नया पुलिस जिला बनने के कारण यहां पुलिस का जिला स्तरीय सैटअप लगभग पूरा हो गया। लेकिन पुलिस का प्रशासनिक स्तर पर तालमेल के लिए भिवाड़ी में एसडीओ स्तर का अधिकारी भी नहीं है। भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र देश में अग्रणी स्थान पर होने के बावजूद प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र के चलते यहां अपराध की घटनाएं भी ज्यादा रहती हैं। पुलिस को अपराध की घटनाओं में प्रशासन की भी जरूरत होती है, जिसके लिए पुलिस को तिजारा एसडीओ या अलवर जिला कलक्टर और अतिरिक्त जिला कलक्टर की ओर ताकना पड़ता है। जबकि पुलिस अधीक्षक स्तर से तालमेल के लिए कम से कम अतिरिक्त जिला कलक्टर स्तर के अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है। इसके अलावा उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए भी वरिष्ठ प्रशासनिक की नियुक्ति जरूरी है।

औद्योगिक क्षेत्रों को मिले रफ्तार, रोजगार की संभावना हो अपार

अलवर जिले में भिवाड़ी, नीमराणा, बहरोड़, एमआइए सहित कई औद्योगिक क्षेत्र हैं, लेकिन ये सभी औद्योगिक क्षेत्र मंदी की मार के चलते स्थानीय युवाओं की रोजगार की पूर्ति कर पाने में सक्षम नहीं है। औद्योगिक मंदी के चलते इन क्षेत्रों में कई उद्योगों में उत्पादन नहीं के बराबर रह गया है, इसका सीधा असर रोजगार पर भी पड़ा है। इसके अलावा उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाने की समस्या पुरानी है। वहीं अलवर जिले का आधा हिस्सा अब भी उद्योगों से महरूम है। इस कारण जिले के लोगों की इस बार बजट में राज्य सरकार भिवाड़ी, नीमराणा, एमआइए सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों के सुविधाओं के विस्तार के साथ ही जिले में औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए कुछ नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने की विशेष मांग है।

Prem Pathak Reporting
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