दो जनों ने 13 वर्षीय मासूम का अपहरण किया, फिर खेत में ले जाकर कर डाली हैवानियत

घर के बाहर आई 13 वर्षीय स्कूली छात्रा का मनीष पुत्र सुखराम अपहरण कर ले गया और खेत में ले जाकर उससे बलात्कार किया।

अलवर. विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो एक्ट संख्या-3) के न्यायाधीश राजेन्द्र शर्मा ने मंगलवार को 13 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के मामले में दो अभियुक्तों को 20-20 साल की सजा और 35-35 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

विशिष्ट लोक अभियोजक राजकुमार गंगावत ने बताया कि 15 मई 2017 की रात 10 बजे लघुशंका के लिए घर के बाहर आई 13 वर्षीय स्कूली छात्रा का मनीष पुत्र सुखराम अपहरण कर ले गया और खेत में ले जाकर उससे बलात्कार किया।
मुकेश पुत्र छोटेलाल उसका सहयोग कर अपनी बाइक से बालिका को टोडाभीम की तरफ ले गया। वहां पुलिस ने रात एक बजे दोनों आरोपियों को पीडि़ता के साथ संदिग्ध अवस्था में पकड़ा और टोडाभीम थाने ले गए। जहां पूछताछ में पीडि़ता को भगाकर ले जाने की बात स्वीकार की।

इस घटना की प्राथमिकी पीडि़ता के पिता ने राजगढ़ थाने में दर्ज कराई। न्यायाधीश राजेन्द्र शर्मा ने पुलिस की ओर से आरोप पत्र प्रस्तुत होने के बाद सुनवाई शुरू की और मंगलवार को अभियोजन साक्ष्य व दलीलों के आधार पर राजगढ़ के गांव झांकड़ा निवासी मनीष पुत्र सुखराम बैरवा और मुकेश उर्फ जसवंत पुत्र छोटेलाल बैरवा को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और 35-35 हजार रुपए जुर्माना आदेश सुनाया।

साथ ही अभियुक्त मुकेश घटना के दौरान नाबालिग था और वर्तमान में उसकी उम्र 19 साल 6 माह 27 दिन है। इस कारण किशोर न्याय अधिनियम की धारा 19 के तहत 21 वर्ष का होने तक सुरक्षित गृह जयपुर में रखने तथा उसके बाद केन्द्रीय कारागार अलवर में रखने के लिए जेल अधीक्षक अलवर को आदेश जारी किए हैं।

Lubhavan Desk
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