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उपेक्षित अलवर: अरबों रूपए टैक्स देने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार से कुछ खास नहीं मिला, अब नए साल में उम्मीदें

एनसीआर में शामिल होने के बावजूद स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय अलवर अब तक हाइवे से अछूता रहा है। अलवर जिला एनसीआर में शामिल है, इस कारण जिले के विकास की जिम्मेदारी राज्य के साथ ही केन्द्र सरकार की भी है।

अलवर

Updated: January 05, 2022 05:34:05 pm

अलवर. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का महत्वपूर्ण क्षेत्र अलवर केन्द्र एवं राज्य सरकार को हर साल कई अरबों रुपए का राजस्व देता रहा है, लेकिन यहां के विकास के प्रति न तो केन्द्र और न ही प्रदेश की सरकार ने दिलचस्पी दिखाई है। यही कारण है कि अलवर जिला विकास की दौड़ में साल दर साल पिछड़ता ही रहा है। एनसीआर में शामिल होने के बावजूद स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय अलवर अब तक हाइवे से अछूता रहा है। इतना ही नहीं जिले के आधे से ज्यादा ब्लॉकों में अभी तक उद्योगों की चिमनी से धुआं निकलते दिखाई नहीं दे सका है। सरकारी खजाने में कई सौ करोड़ रुपए का राजस्व देने के बाद भी जिला मुख्यालय पर राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज की अब तक नींव भी नहीं लगवा सकी है।
Alwar Didnt Get Much From Central And State Government 10101
उपेक्षित अलवर: अरबों रूपए टैक्स देने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार से कुछ खास नहीं मिला, अब नए साल में उम्मीदें
अलवर जिला एनसीआर में शामिल है, इस कारण जिले के विकास की जिम्मेदारी राज्य के साथ ही केन्द्र सरकार की भी है। अलवर जिला राज्य व केन्द्र सरकार को हर साल बड़ा राजस्व भी देता रहा है। इस कारण जिलावासियों की राज्य व केन्द्र सरकार से विकास कार्यों की सौगात मिलने की बड़ी उम्मीद रहती है। लेकिन हर बार केन्द्र व राज्य के बजट में विकास की बड़ी सौगात नहीं मिल पाने से अलवर जिला खाली हाथ ही रहा है। यही कारण है कि 40 लाख से ज्यादा आबादी के जिले में अब तक न तो मेडिकल कॉलेज और शुरू हो पाया है और न ही यातायात की बेहतर सुविधा मिल पाई है। मेट्रो रेल, हवाई यात्रा, एम्स जैसी सुविधाएं अभी अलवर वासियों के लिए कल्पना ही बनी हुई है।
पांच हजार करोड़ से ज्यादा राजस्व देता है अलवर

वर्ष मद राशि

2021-22 आईजीएसटी 19.17 अरब

2021-22 सीजीएसटी 5.49 अरब

2021-22 एसजीएसटी 9.22 अरब

2021-22 सैस 3.58 अरब

2020-21 वैट 13.74 अरब
कुल --- 51.20 अरब

राजस्व देने में अव्वल फिर भी बड़ी योजनाओं से अछूता

अलवर जिला जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर जैसे प्रदेश के बड़े शहरों से ज्यादा राजस्व केन्द्र व राज्य सरकार को देता है, लेकिन अलवर जिले में सुविधाओं के नाम पर अभी तक रोडवेज की वोल्वो सेवा भी नहीं मिल पाई है। मेट्रो, रेपिड रेल, हवाई यात्रा का अलवर जिले के लिए प्रस्ताव ही नहीं बन पाए। अलवर जिला मुख्यालय अब तक नेशनल हाइवे से नहीं जुड़ पाया है। औद्योगिक विकास भी भिवाड़ी, नीमराणा के आसपास तक ही सिमट कर गया है। इतना ही नहीं अभी अलवर जिला मुख्यालय पर राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेज की नींव तक नहीं लग पाई है। जबकि अलवर से कम राजस्व देने वाले जिलों को एम्स, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, आईआईटी, तकनीकी विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय सहित अन्य बड़े संस्थान कई साल पहले ही मिल चुके हैं।
अब नए साल से उम्मीदें

अलवरवासियों को नए साल में राज्य के मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज शुरू होने, कोटकासिम के पास हवाई अड्डा प्रोजेक्ट सरकार की प्राथमिकता में आने, जिला मुख्यालय अलवर को हाइवे से जोडऩे, जिले के सभी ब्लॉकों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने, रोडवेज व वोल्वो एवं डीलक्स सेवा शुरू, रेपिड रेल प्रोजेक्ट में तेजी आने सहित अन्य बड़ी योजनाएं धरातल पर आने की उम्मीद है।

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