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अलवर जिला कलक्टर बने स्टूडेंट, बच्चों से साथ बैठकर देखा कैसे पढ़ाते हैं शिक्षक, मिड डे मील भी चैक किया

अलवर जिला कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने सरकारी स्कूल में बच्चों से साथ बैठकर पढाई की।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Feb 27, 2021

Alwar District Collector Nannumal Pahadiya Become Student

अलवर जिला कलक्टर बने स्टूडेंट, बच्चों से साथ बैठकर देखा कैसे पढ़ाते हैं शिक्षक, मिड डे मील भी चैक किया

अलवर. अलवर ग्रामीण क्षेत्र के अकबरपुर के सरकारी स्कूल में जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा ने शुक्रवार को स्टूडेंट बनकर अध्यापन का तरीका देखा। साथ ही विद्यार्थियों से भी पढ़ाए गए विषय के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पाया कि कोरोना काल में पढ़ाई का कार्य बाधित हुआ है, जिसमें विद्यार्थियों को शिक्षकों को और अधिक मेहनत कराने की जरूरत है। इस पर विद्यालय की प्रधानाचार्य को कहा कि कमजोर छात्र छात्राओं के लिए एक्स्ट्रा कक्षा लगाएं तथा प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए अलग से बैठक व्यवस्था करें तथा इनके अभिभावकों से चर्चा करें और उन्हें बच्चों की प्रगति के बारे में अवगत कराएं। जिला कलक्टर ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान विद्यालय के बंद रहने से पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा है। बोर्ड परीक्षा से पहले सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा कर उन्हें अच्छे से तैयारी करवाना जरूरी है। इसमें शिक्षकों, विद्यार्थी व अभिभावकों का सहयोग जरूरी है।

जिला कलक्टर नन्नू मल पहाडिय़ा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल अकबरपुर पहुंचे, जहां पर दाल, मसाले, चावल के कंबो पैक की जांच की। जांच में तोलने पर नमक की थैली में करीब 15 ग्राम कम पाया गया व अन्य सामग्री वजन में सही थी। उन्होंने स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया तथा लगाई जा रही सामग्री का सेम्पल भी लिए। उसकी जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। कलक्टर ने अकबरपुर, साहोडी, काली खोल विद्यालय में व्यवस्थाएं देखी गई। अकबरपुर स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने जिला कलक्टर से की है, उनका कहना था यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
कस्तूरबा आवासीय स्कूल में ली भोजन की जानकरी

कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय में जिला कलक्टर भोजन की गुणवत्ता को परखने के लिए पहुंच गए, जहां उन्होंने भोजन के बारे में छात्राओं से जानकारी ली। कलक्टर पहाडयि़ा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अध्यापक अध्यापिका व मीडिया के लोग भी जूते पहनकर ही उस कक्ष में प्रविष्ट हो गए।