अलवर में ठेके खुले और पहले दिन बिक गई करीब 4 करोड़ की शराब, कई दुकानों का स्टॉक हुआ खत्म

अलवर में ठेके खुलने के पहले दिन 8 घंटे में करीब 4 करोड़ की शराब बिक गई, ठेकों पर लम्बी लाइनें देखी गई

By: Lubhavan

Published: 05 May 2020, 12:00 PM IST

अलवर. लॉक डाउन 3.0 में सोमवार से शराब की दुकानें खोल दी गई। अलवर जिले में 43 दिन बाद शराब की दुकानें खुलते ही सुराप्रेमी टूट पड़े और एक ही दिन में कई करोड़ रुपए की शराब गटक गए। दुकानों के बाहर सुबह से शाम तक ग्राहकों की लम्बी कतारें लगी रही। कई जगह अधिक भीड़भाड़ को देख पुलिस लगानी पड़ी। ग्राहकों की लम्बी कतार देख ठेकेदारों के चेहरे भी खिले नजर आए।

राज्य सरकार के आदेश के बाद सोमवार से सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे शराब की दुकानें खोल दी गई। शराब की दुकानें खुलने से पहले ही सुराप्रेमी दुकानों के बाहर पहुंच गए। जैसे-जैसे दुकानें खुलती गई और ग्राहकों की कतार लगती चली गई। शहर के दशहरा मैदान, रोड नम्बर दो, जय कॉम्पलेक्स, मण्डी मोड़, स्टेशन रोड, शिवाजी पार्क व नयाबास स्थित शराब की दुकानों पर कई मीटर लम्बी लाइन लगी रही। सुराप्रेमी शराब खरीदने के लिए कई घंटे धूप में दुकानों के बाहर कतार में खड़े रहे। शाम तक दुकानों के बाहर ग्राहकों की कतार नहीं टूटी। अधिक भीड़भाड़ को देखते हुए दशहरा मैदान, मंडी मोड़, रोड नम्बर दो व जय कॉम्पलेक्स स्थित दुकानों पर पुलिस लगानी पड़ी।

सरकारी खजाने में आए 4 करोड़

जानकारी के अनुसार अलवर जिले में 39 अंग्रेजी और 254 देसी व कम्पोजिट शराब की दुकानें हैं। इनमें से सोमवार को 123 देसी व कम्पोजिट और 27 अंग्रेजी शराब की दुकानें खुली। पहले दिन 96 लाइसेंसी ठेकेदारों को आबकारी विभाग के अलवर डिपो से 2.91 करोड़ और बहरोड़ डिपो से 1.03 करोड़ रुपए का माल दिया गया। इस हिसाब से सरकार के खजाने में करीब 3.94 करोड़ रुपए जमा हुए। इसके अलावा इन दुकानों पर पुराने ठेके की 16 कम्पोजिट व 23 अंग्रेजी शराब की दुकानों का माल ट्रांसफर किया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार दुकानों पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा का पुराना स्टॉक रखा हुआ था।

दुकानों पर खत्म हो गया स्टॉक

सोमवार ने नए ठेकेदारों ने दुकानें खोली। ज्यादातर दुकानों पर माल अधिक नहीं था। ग्राहकों की भीड़ टूटने के कारण चंद घंटों में ही ज्यादातर दुकानों पर स्टॉक खत्म हो गया। कई ठेकेदार स्टॉक खत्म होने पर दुकानें बंद कर चले गए। दोपहर बाद और शाम को कई दुकानों पर आबकारी विभाग ने गाडिय़ों से माल भिजवाया।

शुरुआत में सोशल डिस्टेंसिंग, फिर संक्रमण का खतरा

जिले में शराब की दुकानें खोलने से पहले आबकारी विभाग की ओर से सभी ठेकेदारों की काउंसलिंग की गई। जिसमें उन्हें लॉक डाउन की पालना के तहत सोशल डिस्टेंसिंग रखने, मास्क लगाने और दुकानों के बाहर गोले बनाने के दिशा-निर्देश दिए। साथ ही नियमों की पालना के लिए शहरी क्षेत्र की 98 दुकानों के बाहर आबकारी विभाग के सिपाही भी तैनात किए गए। शुरुआत दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद नियम कायदे ताक पर नजर आए। लोग शराब खरीदने के लिए आपाधापी करते नजर आए। जिससे संक्रमण का खतरा भी बना रहा।

नए ठेकेदारों के चेहरे खिले

नए ठेकेदारों को एक अप्रेल को शराब की दुकानें आवंटित की जानी थी, लेकिन जनता कफ्र्यू और लॉक डाउन के कारण 22 मार्च से ही शराब की दुकानें बंद करा दी गई। जिसके कारण नए ठेकेेदार एक अप्रेल से दुकानें नहीं खोल पाए। सोमवार से नए ठेकेदारों ने दुकानें खोली। दुकानें खुलते ही उनके यहां सैकड़ों ग्राहकों की कतार लग गई। यह सिलसिला सुबह 10 से शाम 6 बजे तक जारी रहा। ये देख नए ठेकेदारों के चेहरे खिले नजर आए।

नियमों की पालना करें

जिले में शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। समस्त ठेकेदार और आमजन से अपील है कि दुकानों पर लॉक डाउन की गाइडलाइन का पालना करें। दुकानों पर ठेकेदार, सेल्समैन और ग्राहक मास्क लगाकर आएं। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना का भी विशेष ध्यान रखें। ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सके।
- बनवारीलाल सिनसिनवार, जिला आबकारी अधिकारी, अलवर।

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