देखिए क्या खास बात है कि अलवर के गुरमुख सम्मेलन में होती है भीड

आनंद कारज में दिन में होता है सामुहिक विवाह

अलवर. मनुमार्ग स्थित संत सुखदेव शाह गुरुद्वारे में आयोजित तीन दिवसीय 96 वां गुरुमुख सम्मेलन सोमवार को आनंद कारज के साथ संपन्न हुआ। इसमें छ जोड़ों का आनंद कारज हुआ। गुरुमुख सम्मेलन के आखिरी दिन देशभर की करीब 20 हजार से ज्यादा संगत ने कार्यक्रम में शिरकत की।

By: Jyoti Sharma

Updated: 18 Feb 2020, 01:11 PM IST

संतरेन डॉ. हरभजन सिंघ महाराज के सानिध्य में आयोजित आनंद कारज में छ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसके बाद भाई जितेंद्र मदान ने अरदास कराई। संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज ने परिणय सूत्र बंधन में बंधे जोड़ों को लंबी आयु व सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया। विवाह के दौरान जोडों के परिजन भी उपस्थित थे।आंखें हुई नम कार्यक्रम स्थल को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया था। आमतौर पर शादियां रात के समय होती हैं लेकिन यहां पर आनंद कारज में सुबह शादी की जाती हैं। विवाह के बाद जब बेटियां विदा हुई तो श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गई। गुरुद्वारे से बाहर के आने के बाद वर पक्ष के लोग नई नवेली वधू को लेने के लिए सजी हुई गाडियों व बैंडबाजे के साथ इंतजार करते दिखाई दिए।मत्था टेककर की अरदासकार्यम की शुरुआत सुबह 3 बजे नितनेम साहिब के साथ हुई। सुखमनी साहिब, चौपई का पाठ हुआ व आसा दी बार का कीर्तन किया। इसके बाद सजे कीर्तन दीवान में भाई जितेंद्र मदान, भाई बसंत गांधी ने गुरबाणी का कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कार्यक्रम में आई संगतों ने गुरुद्वारे में मत्था टेक मन्नत मांगी।

यहां पर संगत की ओर से तन और मन से जोडा घर की सेवा की जा रही है। संगत में सेवा दी रही महिलाओं ने पीली चुन्नी व पुरुषों ने पीली टोपी पहनी हुई थी जो कि इतनी भीड़ में अलग ही नजर आ रही थी। सम्मेलन स्थल पर सुबह से ही लोगों का जुटना शुरु हो गया था। सभी लोग आनंद कारज को देखना चाहते थे। कार्यक्रम के आखिर में संतरेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज से आशीर्वाद लिया। इधर, पुलिस कंट्रोलरूम के पास स्थित गुरुद्वारा सुखधाम में 15 फरवरी को शुरू हुए अखंड पाठ संपन्न हो गए।

Jyoti Sharma
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