- बदहाल है चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था, भटक रहे हैं मरीज

नहीं मिलते डाक्टर व नर्सिंगकर्मी, गार्ड का भी इंतजाम नहीं
अलवर . एक और जहां कोटा में सैंकडों बच्चों की मौत और अलवर के शिशु चिकित्सालय में एक बालिका शिशु की मौत के बाद राज्य भर में चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। वहीं दूसरी और अलवर का स्वास्थ्य विभाग अभी भी कुंभकर्ण की नींद सोया हुआ है। यहां आज भी अव्यवस्थाओं का आलम है।

Jyoti Sharma

January, 1812:56 PM

अधिकारियों के निरीक्षण के बाद एक और जहां व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है लेकिन कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एेसे हैं जहां समय पर अस्पताल खुल ही नहीं रहे, एेसे में सर्दी में मरीज घंटों तक परेशान रहते हैं। यहां मरीजों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। एेसे मेंमरीजों का ना तो चिकित्सा सुविधाएं मिल पा रही है और ना ही उनका इलाज हो रहा है।

फैक्ट फाइल

शीतकाल में १ अक्टूबर से ३१ मार्च तक ओपीडी का समय प्रात: ९ बजे से दोपहर १ बजे तक है। शाम को ४ बजे से ६ बजे तक है। रविवार व राजपत्रित अवकाश के दिन प्रात: ९ बजे से दोपहर ११ बजे तक चिकित्सा केंद्र खुला रहेगा।

समय - सुबह ९.३० बजे
नाम - राजकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अखैपुरा
अव्यवस्था - यह केंद्र निजी भवन में खुला हुआ था। यहां पर सुबह ९.३० बजे सफाईकर्मी झाडू लगा रही थी। यहां कार्यरम महिला चिकित्सक अनुपस्थित थी। यहां पर १२ में से मात्र ४ कर्मचारी ही उपस्थित मिले। वार्ड निवासियों ने बताया कि यहां अक्सर डाक्टर नहीं मिलते, मरीजों के साथ नर्सिंग स्टाफ का व्यवस्था खराब है।

समय १०.३० बजे

नाम - काला कुआं सेटेलाइट अस्पताल
अव्यवस्थाा - यहां पर सफाई का पूरा इंतजाम नहीं था, पीएमओ कक्ष पर कुंडी लगी हुई थी। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड नहीं मिले। जबकि यहां दो सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए हुए हैं। लेकिन दोनों को ही दूसरे कार्यो में लगाया हुआ है। लोगों ने शिकायत की कि यहां पर रात को भर्ती होने वाले मरीजों का सामान और पर्स कई बार चोरी हो चुका है। यहां पर सफाईकर्मी अक्सर शराब के नशे में रहते हैं, ठेकेदार कभी यहां आता ही नहीं है।


समय १० बजे

नाम - शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंबर एक सुभाष चौक

अव्यवस्था - यहां पर दो डाक्टरों की डयूटी है लेकिन मौके पर डाक्टर अमित वशिष्ठ ही उपस्थित मिले। जबकि दूसरे डाक्टर का कमरा खाली था। एक ही डाक्टर के होने से मरीजों की कतार लगी हुई थी। बहुत देर बाद मरीजों का नंबर आ रहा था। डाक्टर वशिष्ठ ने बताया कि इन दिनों सर्दी , जुकाम के मरीज ही ज्यादा आ रहे हैं। केंद्र के बाहर ही कचरे का ढेर लगा हुआ था। जिससे यहां आने वाले मरीजों में संक्रमण फैलने का डर रहता है।

बेहतर थे इंतजाम
जबकि शिवाजी पार्क स्थित डिस्पेंसरी में अधिकतर व्यवस्था बेहतर थी। यहां कार्यरत डाक्टर ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही यहां पर सीएमएचओ ने निरीक्षण किया था। यहां स्टाफ की परेशानी थी, जिसे लगा दिया गया है। इन दिनों मरीज यहां कम आ रहे हैं।

Jyoti Sharma Reporting
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