कड़ाके की सर्दी से कचौरी वालों को हुआ तगड़ा फायदा, पांच दिन में बिक गई 5 लाख से ज्यादा की कचौरी

Alwar Kachori : अलवर में सर्दियों ने कचौरी विक्रेताओं के अच्छे दिन ला दिए, इस बार ज्यादा सर्दी पडऩे से कचौरी की बिक्री अधिक हुई है।

By: Lubhavan

Updated: 06 Jan 2020, 06:09 PM IST

अलवर . Alwar kachori : इस बार अलवर में शिमला को मात देती हुई सर्दी पड़ी। तेज सर्दी से बचने के लिए अलवर के लोग इन दिनों गर्मागर्म कचौरी का सहारा ले रहे है। पिछले पांच दिनों अलवर में कचौरियों कढी मांग करीब पांच गुना बढ़ गई है। इन दिनों सब्जी कचौरी, कढी कचौरी, छोला कचौरी के अलावा मिठी चटनी और कचोरी की मांग बहुत ज्यादा हो गई है। कचौरी के अलावा समोसों की भी डिमांड है।

आम दिनों में भले ही लोग कचौरी खाने से परहेज कर रहे हो लेकिन इन दिनों तक शरीर में गर्माहट लाने के लिए कचौरी का ही सहारा लिया हुआ है। कचौरी खाते ही शरीर में जान आ जाती है। पिछले पांच दिनों में शहरवासी करीब पांच लाख रुपए की कचौरी खा चुके हैं। एक कचौरी करीब 10 रुपए की है। अलवर में करीब 150 के लगभग दुकानें है और प्रत्येक दुकान पर प्रतिदिन करीब 200 से 300 कचौरियां बन रही है।

अलवर में इन दिनों चौराहो ंऔर बजारों में गर्मागर्म कचौरियां खाने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। कचौरी बनने से पहले ग्राहक खाने के लिए तेयार है। अलवर में इस समय करीब 150 के लगभग दुकानें है जो कि शहर के होपसर्कस, अशोका टाकीज,पुलिस कंट्रोल रूम, बस स्टेंड, रलवे स्टेशन, काला कुआं्रशिवाजीपार्क, जेल का चौराहा, अंबेडकर चौराहा, भगतसिंह चौराहा, काशी राम का चौराहा, सब्जी मंडी, कंपनी बाग , नेहरू गार्डन आदि पर लगती है। अक्सर इन दुकानों पर सुबह कचौरी बनती है ओर सुबह 10 बजे तक कचौरियां खत्म हो जाती है। लेकिन इन दिनों अलवर में पड़ रही तेज सर्दी इनके लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। दुकानें पूरे दिन खुल रही है और कचौरी बनाने वालों को बैठने तक की फुर्सत नहीं है।

होपसर्कस पर कचौरी बेचने वाले मुकेश कुमार ने बताया कि वो पिछले तीस सालों से कचौरी बेच रहे हैं इससे पहले पिताजी बेचते थे, लेकिन इस बार की जितनी बिक्री पहली बार हुई है। कई सालों बाद अलवर में ज्यादा ठंड पडी है। एक सप्ताह पहले 200 कचौरियां बिक रही थी और अब 500 से 600 कचौरियां बिक रही है। पुलिस कंट्रोल रूम के पास कचौरी बेचने वाले पवन शर्मा ने बताया कि सुबह से ही कचौरी के र्ऑडर मिल रहे हैं। एडवांस में ग्राहक कचौरी खाने के लिए बैठे रहते हैं। कचौरियों की मांग को देखते हुए ज्यादा श्रमिक लगाए गए हैं जिससे की सबको कचौरी मिल जाए।

Lubhavan
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned