किन्नरों का कहना था कि उनके अपनों ने तो उन्हें बचपन में ही पराया कर दिया अब इस रस्म के जरिए हम अपने परिवार की कमी को पूरा करते हैं, बेटी का मान सम्मान करते हैं। बेटी बनाने की रस्म के दौरान किन्नरों ने उपहार भी भेंट में दिए। फिल्मी गानों पर खूब नाचा गाना किया और नोटों की बारिश भी हुई। कार्यक्रम में शामिल किन्नरों ने बताया कि बेटी को देवी के रूप में पूजा करते हैें, इसकी शादी करते हैं और कन्यादान करके इसको विदा करते हैं। शनिवार को इस सम्मेलन का समापन होगा। त्रिपोलिया शिव मंदिर में की कलश पूजाइस अवसर पर किन्नरों की ओर से मंगल कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें त्रिपोलिया स्थित शिव मंदिर में किन्नरों ने भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया। इसी गंगाजल से देवी का भी पूजन किया। मंदिर में किन्नरों की तरफ से पीतल का घंटा चढाया गया।