जिले में पंचायती राज से राजनीति शुरू कर मंत्री, सांसद व विधायकी का मुकाम छू चुके कई नेता

राजनीति में मुकाम हासिल कर चुके अनेक नेताओं के लिए पंचायती राज चुनाव सफलता की सीढ़ी साबित हुए हैं। अलवर जिले में विभिन्न पार्टियों के आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं की राजनीतिक यात्रा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से शुरू हुई और मंत्री, सांसद व विधायक की मंजिल तक पहुंची।

By: Prem Pathak

Published: 04 Oct 2021, 12:35 AM IST

अलवर. राजनीति में मुकाम हासिल कर चुके अनेक नेताओं के लिए पंचायती राज चुनाव सफलता की सीढ़ी साबित हुए हैं। अलवर जिले में विभिन्न पार्टियों के आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं की राजनीतिक यात्रा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से शुरू हुई और मंत्री, सांसद व विधायक की मंजिल तक पहुंची।
वर्तमान राजनीति में पंचायती राज का बड़ा महत्व है। कहा जाता है कि राजनीति की राह गांवों से निकलती है और गांवों की राजनीति में पकड़ की मजबूत सीढ़ी है पंचायती राज। तभी तो गांवों की राजनीति से निकले कई नेता पूर्व और वर्तमान में लोकसभा व विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे हैं।

जिला प्रमुख से सांसद व मंत्री का सफर

अलवर जिले में जिला प्रमुख रहे तीन नेता विधायक, सांसद व मंत्री तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं। इनमें टीकाराम जूली वर्तमान राज्य सरकार में श्रम राज्य मंत्री है। जूली ने 2005 में राजनीति की शुरुआत जिला प्रमुख से की। बाद में 2008 में वे जिला प्रमुख रहते विधायक चुने गए और बाद में उन्होंने जिला प्रमुख पद से त्यागपत्र दिया। इसी प्रकार डॉ. जसवंत यादव भी जिला प्रमुख चुने गए और बाद में सांसद, विधायक और राज्य सरकार में केबिनेट मंत्री रहे।

जिला प्रमुख से पहुंचे विधानसभा
इसी प्रकार दीपचंद खैरिया भी जिला प्रमुख रह चुके हैं और किशनगढ़बास से विधायक हैं। रामगढ़ विधायक सफिया जुबेर खान ने भी जिला प्रमुख से राजनीति की शुरुआत की।

जिला पार्षद से बने विधायक

जिले में शकुंतला रावत की राजनीति की शुरुआत भी पंचायती राज चुनाव से हुई। वे जिला परिषद सदस्य चुनी गई और बाद में बानसूर से लगातार दो बार विधायक चुनी गई।

प्रधान से मंत्री व विधायक का सफर
जिले में कई नेताओं ने प्रधान व पंचायत समिति सदस्य से राजनीति की शुरूआत की और राज्य सरकार में विधायक और मंत्री तक सफर तय किया। ऐसे नेताओं में किशनगढ़बास पंचायत समिति में प्रधान रहे हेमसिंह भडाणा प्रधान चुने जाने के बाद थानागाजी से विधायक चुने गए और गत भाजपा सरकार में केबिनेट मंत्री रहे। इसी प्रकार जौहरीलाल मीणा रैणी पंचायत समिति में प्रधान रहे और बाद में राजगढ़ व राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से विधायक चुने गए। जटराम जाटव ने भी पंचायत समिति सदस्य से राजनीति की शुरुआत कर विधायकी तक सफर तय किया।

Prem Pathak Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned