scriptalwar letest illigal mining news | कागजों में हो रहा अरावली का संरक्षण, अवैध खनन से पहाड़ हो रहे छलनी | Patrika News

कागजों में हो रहा अरावली का संरक्षण, अवैध खनन से पहाड़ हो रहे छलनी

अरावली पर्वतमाला के सरंक्षण के लिए केन्द्र सरकार ने करीब तीन दशक पहले अधिसूचना जारी कर राजस्थान के अलवर व हरियाणा गुरुग्राम के लिए निर्देश दिए, लेकिन खनन माफिया केन्द्र के आदेश भी चट कर गए। इसी का नतीजा रहा कि इस दौरान अवैध खनन के चलते कई अरावली के पर्वत जमींदोज हो गए। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट को पूर्व में अलवर में अवैध खनन को लेकर तल्ख टिप्पणी करनी पड़ी।

अलवर

Updated: March 11, 2022 11:23:19 pm

अलवर. अरावली पर्वतमाला के सरंक्षण के लिए केन्द्र सरकार ने करीब तीन दशक पहले अधिसूचना जारी कर राजस्थान के अलवर व हरियाणा गुरुग्राम के लिए निर्देश दिए, लेकिन खनन माफिया केन्द्र के आदेश भी चट कर गए। इसी का नतीजा रहा कि इस दौरान अवैध खनन के चलते कई अरावली के पर्वत जमींदोज हो गए। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट को पूर्व में अलवर में अवैध खनन को लेकर तल्ख टिप्पणी करनी पड़ी।
कागजों में हो रहा अरावली का संरक्षण, अवैध खनन से पहाड़ हो रहे छलनी
कागजों में हो रहा अरावली का संरक्षण, अवैध खनन से पहाड़ हो रहे छलनी
अलवर जिला प्राकृतिक संसाधनों की खान है। यहां अरावली पर्वतमाला में सबसे ज्यादा प्राकृतिक संसाधन हैं। इसी कारण केन्द्र सरकार ने 7 मई 1992 को अधिसूचना जारी कर देश में केवल दो स्थान अलवर व गुरुग्राम की अरावली पर्वतमाला के सरंक्षण के निर्देश दिए।

नब्बे के दशक में खूब हुआ अवैध खनन


अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन अलवर जिले में नया नहीं, बल्कि नब्बे के दशक में यह जोरों पर रहा। हरिणाण में खनन बंद करने के आदेशों की सबसे बड़ी कीमत अलवर जिले की अरावली पर्वतमाला को चुकानी पड़ी। हरियाणा सीमा के नजदीक होने के कारण इस दौरान भिवाड़ी, तिजारा क्षेत्र में खान माफिया हावी हो गया और खूब अवैध खनन हुआ। खान माफियाओ ने कई पहाड़ों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया। इससे पर्यावरण को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
100 मीटर ऊंची पहाड़ी को माना अरावली का भाग

100 मीटर से ऊंची पहाड़ी एवं इसके स्लोप क्षेत्र को अरावली पर्वतमाला का भाग मानने के संबंध में निदेशालय, खान एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्थान उदयपुर ने 9 जनवरी 2006 को पत्र जारी किया था। उच्च न्यायालय में दायर याचिका के बाद 16 दिसम्बर 2002 के बाद अरावली क्षेत्र में स्वीकृत किए गए 51 नए खनन पट्टों में खनन कार्य बंद करवाया गया। खनन विभाग का दावा है कि वर्तमान में विभाग की ओर से अरावली हिल्स में कोई खनन पट्टा स्वीकृत नहीं किया जा रहा है।
वन क्षेत्र में गैर वानिकी पर रोक

वन क्षेत्र में स्थित अरावली पर्वतमाला में गैर वानिकी गतिविधियाँ प्रतिबंधित है।उक्त क्षेत्र में वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी गतिविधियां की जा सकती है।

हजारों मीटि्रक टन खनिज अवैध खनन की भेंट चढ़ रहा
जिले में अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन इस कदर हुआ कि एक ही साल में हजारों मीटि्रक टन खनिज खान माफिया चट गए। अप्रेल 2016 से फरवरी 2017 तक अलवर जिले में करीब 80 हजार मीटि्रक टन खनिज अवैध खनन की भेंट चढ़ गया।

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