नगर पालिका इतिहास: कार्यकाल पूरा होने पर अध्यक्ष ने जनता के सामने रखा लेखा जोखा

अलवर. बहरोड़ नगर पालिका गठन सितम्बर 1990 में हुआ, इससे पहले 1960 से यह बहरोड़ पंचायत रही। यहां की जनसंख्या 4465 थी और यह 3838 एकड़ भूमि पर बसी थी।

By: Prem Pathak

Updated: 01 Dec 2020, 12:01 AM IST

अलवर. बहरोड़ नगर पालिका गठन सितम्बर 1990 में हुआ, इससे पहले 1960 से यह बहरोड़ पंचायत रही। यहां की जनसंख्या 4465 थी और यह 3838 एकड़ भूमि पर बसी थी। नगर पालिका गठन से पूर्व बहरोड़ निरंतर नगर पालिका रही। बहरोड़ नगर पालिका के प्रथम बोर्ड का कार्यकाल 27 अगस्त 1995 तक रहा। नगर पालिका के पहले अध्यक्ष समाजवादी नेता और जनता पार्टी (जनता दल) के डॉ. द्वारका प्रसाद शर्मा निर्वाचित हुए। वर्ष 1995 में उनका कार्यकाल पूरा होने पर उन्होंने अपने कार्यकाल के लेखे जोखे का पम्फलेट जनता के नाम प्रकाशित किया। इस पम्फलेट में शर्मा ने अपने कार्यकाल की जानकारी और नगर पालिका बोर्ड को आत्मनिर्भर, विकासमान एवं प्रगतिशील बनाने का दावा किया। उन्होंने नगर पालिका बोर्ड का कार्यकाल संभालते पालिका कोष में 9 लाख 24 हजार 973 रुपए प्राप्त किए, जबकि 22 अगस्त 1995 को कार्यकाल पूरा होने पर पालिका कोष में 30 लाख 57 हजार 543 रुपए की नगद राशि छोड़ी। प्रकाशित पम्फलेट में पालिका में वर्ष 1990-91 में चुंगी से आय 24 लाख 98 हजार 9 रुपए होने की जानकारी दी, जो 1994-95 में बढकऱ 63 लाख 87 हजार 130 रुपए तक पहुंचा दी। इस दौरान बहरोड़ नगर पालिका में चुंगी की आय में 38 लाख 89 हजार 121 रुपए की वृद्धि दर्ज कराई। प्रथम बोर्ड के कार्यकाल में 97 लाख रुपया विकास कार्य पर खर्च हुए। बाद में शर्मा संभवत: पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर में अपना देहदान किया।

प्रस्तुति- एडवोकेट हरिशंकर गोयल

अलवर की राजनीति के जानकार

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