एमबीबीएस डॉक्टरों को रास नहीं आ रही हैल्थ कंसलटेंट की नौकरी

कोरोनाकाल में रोजगार पर आए संकट से निजी क्षेत्रों में नौकरी की मांग बढ़ गई है। वहीं चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर बुलाने के बाद भी नौकरी को तैयार नहीं है। कोविड के दौरान सरकार ने मरीजों के उपचार के लिए अलवर सहित प्रदेश भर में संविदा आधार पर एमबीबीएस डॉक्टर्स को हैल्थ कंसलटेंट पद पर नियुक्ति देने का निर्णय किया।

By: Prem Pathak

Published: 13 Oct 2021, 12:41 AM IST

अलवर. कोरोनाकाल में रोजगार पर आए संकट से निजी क्षेत्रों में नौकरी की मांग बढ़ गई है। वहीं चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर बुलाने के बाद भी नौकरी को तैयार नहीं है। कोविड के दौरान सरकार ने मरीजों के उपचार के लिए अलवर सहित प्रदेश भर में संविदा आधार पर एमबीबीएस डॉक्टर्स को हैल्थ कंसलटेंट पद पर नियुक्ति देने का निर्णय किया। अलवर में 55 हैल्थ कंसलटेंट की नियुक्ति की जानी थी। इसके लिए कई बार निविदा भी आमंत्रित की गई, लेकिन डॉक्टर्स ने हैल्थ कंसलटेंट के प्रति ज्यादा रूचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि जिले में वर्तमान में करीब 20 चिकित्सक ही हैल्थ कंसलटेंट पद पर कार्य कर हैं, शेष पद खाली हैं।

कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की बढ़ती संख्या और उपचार में मुश्किलों को देखते हुए सरकार ने चिकित्सकों को संविदा के आधार पर हैल्थ कंसलटेंट पर नियुक्ति देने का निर्णय किया। अलवर जिले में 55 हैल्थ कंसलटेंट के पद सृजित किए गए। इन पदों पर कार्य करने वाले चिकित्सकों को महीने में 39 हजार 500 रुपए मानदेय के रूप में देना तय हुआ। लेकिन एमबीएसएस चिकित्सकों को यह नौकरी रास नहीं आई। नतीजतन ज्यादातर डॉक्टर्स ने हैल्थ कंसलटेंट के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसका एक कारण निजी चिकित्सालयों में डॉक्टर्स की बढ़ती मांग और अच्छा पैकेज भी है।

अभी 20 ही हैल्थ कंसलटेंट कार्यरत

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 55 हैल्थ कंसलटेंट के लिए आवेदन निकाले गए। इसके लिए 27 डॉक्टरों ने आवेदन किया। इसमें से महज 20 डॉक्टरों ने नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार किया। अन्य डॉक्टरों ने या तो नौकरी ज्वाइन नहीं की या फिर नौकरी छोड़ कर चले गए। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बचे हुए पदों के लिए फिर से आवेदन मांगे, लेकिन विभाग को केवल 8-9 आवेदन मिले।

स्वास्थ्य सहायकों के लिए लंबी कतार
कोरोनाकाल में सरकार ने हैल्थ कंसलटेंट के साथ ही स्वास्थ्य सहायकों की भर्ती भी संविदा आधार पर करने का निर्णय किया। अलवर जिले में कई दौर में स्वास्थ्य सहायकों के लिए आवेदन मांगे गए, इसमें भर्ती होने के लिए बेरोजगारों की लंबी कतार लगी। जिले मे 1827 स्वास्थ्य सहायकों की नियुक्ति करनी थी, जिसमें से 15 सौ से ज्यादा को नियुक्ति दे दी गई। कई स्वास्थ्य सहायक नौकरी छोडकऱ चले गए और कुछ पद खाली रह गए। इस कारण वर्तमान में 300 से ज्यादा पद अभी रिक्त हैं। स्वास्थ्य सहायकों को 7900 रुपए प्रतिमाह मानदेय देने का प्रावधान हैं।

आचार संहिता ने अटकाई नियुक्ति

स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले दिनों हैल्थ कसंलटेंट व स्वास्थ्य सहायकों के रिक्त पदों पर नई नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन इसी दौरान पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता लग गई। इस कारण जिले में 8-9 हैल्थ कंसलटेंट व 325 स्वास्थ्य सहायकों की नियुक्ति फिलहाल अटकी हुई है।

हैल्थ कंसलटेंट पद पर 20 डॉक्टर कार्यरत
जिले में हैल्थ कंसलटेंट पद पर करीब 20 डॉक्टर कार्यरत हैं तथा 8-9 की नियुक्ति आचार संहिता के कारण रुकी हुई है। 300 से ज्यादा स्वास्थ्य सहायकों की नियुक्ति भी आचार संहिता हटने के बाद हो सकेगी।

डॉ. ओपी मीणा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर

Prem Pathak Reporting
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