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दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे से जिले के औद्योगिक विकास को मिल सकती है रफ्तार

दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे के अगले तीन-चार महीनों में शुरू होने की तैयारी है, लेकिन इस बहुमुखी प्रोजेक्ट का अलवर जिले को सीधा लाभ तभी मिल सकता है, जब इसका जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव हो।

अलवर

Published: December 07, 2021 12:59:50 am

अलवर. दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे के अगले तीन-चार महीनों में शुरू होने की तैयारी है, लेकिन इस बहुमुखी प्रोजेक्ट का अलवर जिले को सीधा लाभ तभी मिल सकता है, जब इसका जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव हो। करीब दो दशक से ठप हुए एमआईए को यह एक्सप्रेस नया जीवन दे सकता है। वहीं अभी तक औद्योगिक विकास से अछूते रहे अनेक क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित कर अलवर की अर्थ व्यवस्था को संजीवनी प्रदान करने के साथ युवाओं की रोजगार की समस्या का निराकरण कर सकता है।
दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे से जिले के औद्योगिक विकास को मिल सकती है रफ्तार
दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे से जिले के औद्योगिक विकास को मिल सकती है रफ्तार
अलवर जिले को पिछले दिनों दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे तथा पनियाला मोड से बडौदामेव तक नेशनल हाइवे की सौगात मिली है। ये दोनों सौगात अलवर जिले की जीवन रेखा को बदलने वाली साबित हो सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार, जनप्रतिनिधियों एवं उद्यमियों को छोटे से प्रयास की जरूरत है। दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे का निर्माण अंतिम चरण में हैं और अगले साल मार्च- अप्रेल में एक्सपेस वे शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं पनियाला मोड से बडौदामेव हाइवे निर्माण स्वीकृत किया गया है। इस निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से जल्द ही भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एक्सप्रेस हाइवे से जीवित हो सकता एमआइए

वर्ष 1980 में विकसित हुआ एमआइए इन दिनों पूरी तरह ठप है। गिनती की औद्योगिक इकाइयों के संचालन के अलावा वहां ज्यादा उद्योग इकाइयों में ताले लटके हैं। कई सौ बीघा में फैले एमआइए में वैसे तो कागजों में छोटी-बड़ी कई हजार यूनिट संचालित है, लेकिन वास्तविकता में वहां उद्योगों के अभाव में अभी वीरानी छाई हुई है। एमआइए अस्सी व नब्बे दशक के मध्य तक खूब पनपा, यहां दर्जनों बड़ी इकाइयां लगी और हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला। इतना ही नहीं उस दौरान एमआइए अलवर के विकास की जीवन रेखा बन गया, लेकिन नब्बे के मध्य से यहां से उद्यमियों का पलायन शुरू हुआ, जो अब तक नहीं रूक पाया है। हालांकि सरकार की ओर से एमआइए को विकसित करने के लिए योजनाएं शुरू की, लेकिन वे ज्यादा सफल नहीं हो सकी। जानकारों का मानना है कि एमआइए के ठप होने का मुख्य कारण इसका हाइवे से सीधा जुड़ाव नहीं होना रहा। हाइवे या रेल लाइन से सीधा जुड़ाव नहीं होने से उद्यमियों को कच्चे माल एवं तैयार माल का परिवहन मुख्य समस्या रही। इन दिनों दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य तेजी पर है। इस एक्सप्रेस का अलवर जिले में दो स्थानों पर उतार दिया गया है। इनमें एक बडौदामेव तथा दूसरा पिनान में है। ये दोनों ही एक्जिट अलवर जिले की आर्थिक जीवन रेखा को बदलने वाले साबित हो सकते हैं। इसके लिए एक्सप्रेस वे दोनों एक्जिट से अलवर जिले के ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों का जुड़ाव किया जाना जरूरी है। हालांकि इस कार्य में ज्यादा बजट की जरूरत भी नहीं है। सबसे पहले एक्सप्रेस वे के बडौदामेव एक्जिट का एमआइए तक सीधा जुड़ाव के लिए चौड़े रोड निर्माण की जरूरत है, जिसकी लंबाई भी ज्यादा नहीं है। यदि यहां हाइवे की तर्ज पर रोड बनाकर एमआइए का जुड़ाव कर दिया जाए तो संभव है कि आगामी वर्षों में वह पुनर्जीवित हो जाए।
पिनान एक्जिट से हो आसपास के क्षेत्रों का जुड़ाव

भिवाड़ी एवं नीमराणा के चलते अलवर जिला भले ही औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी दिखाई पड़ता हो, लेकिन हकीकत यह है कि जिले के तीन चार ब्लॉक को छोड़ शेष अभी औद्योगिक विकास से अछूते हैं। इनमें रैणी, राजगढ़, लक्ष्मणगढ़, कठूमर, खेरली, गोविंदगढ़, रामगढ़, किशनगढ़बास, मुण्डावर, बानसूर सहित अन्य ब्लाकों में औद्योगिक क्षेत्र तक पूरी तरह विकसित नहीं हो सके हैं। इनमें एक्सप्रेस वे के पिनान एक्जिट से रैणी, लक्ष्मणगढ़, राजगढ़, कठूमर, खेरली, वहीं बडौदामेव एक्जिट से गोविंदगढ़, रामगढ़, नौगांवा आदि क्षेत्रों का हाइवे की तर्ज पर रोड निर्माण कर सीधा जुड़ाव किया जा सकता है। एक्सप्रेस वे से सीधा जुड़ाव होने से इन क्षेत्रों में न केवल औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो सकेंगे, बल्कि यहां देश व विदेश के निवेशक भी उद्योग लगाने के लिए आ सकेंगे। वहीं पनियाला मोड से बडौदामेव तक स्वीकृत नेशनल हाइवे से जुड़ाव होने से बानसूर, मुण्डावर, किशनगढ़बास, रामगढ़, एमआइए आदि को बड़ा लाभ मिलेगा।
जिले को यह होगा सबसे बड़ा लाभ

दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे का सीधा जुड़ाव होने से अलवर जिले को सबसे बड़ा लाभ अर्थ व्यवस्था में सुधार का होगा। जिले में औद्योगिक निवेश आने से नई- नई उद्योग इकाइयां लग सकेंगी, जिनसे सरकार को हर माह करोड़ों रुपए का राजस्व मिल सकेगा। वहीं उद्योग इकाइयों में हजारों स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार का रोजगार मिल सकेगा, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और इसका सीधा असर अलवर जिले के बाजार पर पड़ेगा। लोगों की क्रय शक्ति बढऩे से व्यापारियों की बिक्री बढ़ेगी, जिससे बाजार में खुशहाली आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोग स्वरोजगार की ओर आकर्षित होंगे। स्वरोजगार बढऩे से जिले में रोजगार की समस्या का स्थानीय स्तर पर ही निदान हो सकेगा।
इसलिए एक्सप्रेस वे से जुड़ाव जरूरी

सरकार की आय के बड़े स्रोत वाणिज्यिक कर विभाग की बात करें तो अलवर संभाग कार्यालय में पिछले महीने से कुल राजस्व प्राप्ति करीब 130 करोड़ रुपए रही है। राज्य सरकार की ओर से अलवर जिले में वाणिज्यिक कर विभाग के दो कार्यालय बनाए गए हैं। अलवर व भिवाड़ी में विभाग के अलग- अलग कार्यालय खोल दिए गए हैं, इससे अलवर जिले का राजस्व दो स्थानों पर बंट गया, इनमें अलवर संभाग कार्यालय के पास राजस्व अर्जन का 40 प्रतिशत तथा भिवाड़ी के पास 80 प्रति हिस्सा चला गया है। फिलहाल अलवर जिले में कारोबारी की संख्या पहले जितनी है, लेकिन राजस्व दो जगह बंट गया, ऐसे में अलवर संभाग को राजस्व अर्जन के लिए नए स्रोत तलाशना जरूरी हो गया है, जो केवल नए कारोबारी से ही संभव है। नए कारोबारी को चिह्नित करना तभी संभव है, जब एमआइए फिर से जीवित हो और यहां नए उद्योग लगे। साथ ही जिले के अछूते ब्लॉकों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो तथा निवेश बढ़े तभी सरकार की आय बढऩा संभव है।
सामूहिक प्रयास जरूरी

जिले के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, अभी अलवर जिले से राज्य सरकार में दो केबिनेट मंत्री एवं सत्तारूढ़ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं। इनमें उद्योग मंत्री भी अलवर जिले से हैं। राज्य सरकार स्तर पर प्रयास कर एक्सप्रेस वे से एमआइए व अन्य क्षेत्रों के सीधे जुड़ाव के लिए हाइवे तर्ज पर रोड निर्माण की स्वीकृति के प्रयास जरूरी है। वहीं केन्द्र सरकार में अलवर से जिले से सीधा जुड़ाव रखने वाले एक केन्द्रीय मंत्री तथा सांसद भाजपा के हैं। केन्द्र सरकार स्तर पर प्रयास कर अलवर जिले की आर्थिक जीवनरेखा को पुनर्जीवित करने में सहायक हो सकते हैं। वहीं उद्यमी भी सामूहिक प्रयास करें तो जिले में औद्योगिक बहार फिर जीवित हो सकती है।

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