नहीं रहे सांसद महंत चांदनाथ, अलवर सहित हरियाणा और दिल्ली में छाया शोक

aniket soni

Publish: Sep, 17 2017 07:07:01 (IST)

Alwar, Rajasthan, India
नहीं रहे सांसद महंत चांदनाथ, अलवर सहित हरियाणा और दिल्ली में छाया शोक

अलवर सांसद महंत चांदनाथ का देर रात दिल्ली के अपोलो हास्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

अलवर.

अलवर सांसद महंत चांदनाथ का देर रात दिल्ली के अपोलो हास्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। सांसद चांदनाथ के निधन पर अलवर जिला सहित हरियाणा के रोहतक स्थित नाथ सम्प्रदाय के आश्रम में शोक की लहर दौड़ गई।

 

आपको बता दें कि बाबा मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर के महंत चांदनाथ योगी ने अस्वस्थ होने के चलते ही 29 जुलाई 2017 को रोहतक में अपने उत्तराधिकारी की घोषणा की थी। उन्होंने बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। इस मौके पर बाबा रामदेव और योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के महंत मौजूद थे।

 

श्री श्रेयो नाथ योगी के पुत्र महंत चांदनाथ का जन्म 21 जून 1956 को बेगमपुर, दिल्ली में हुआ था। बाबा ने दिल्ली के हिन्दू कॉलेज से बीए ऑनर्स में शिक्षा हासिल करने के बाद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। बाबा धार्मिक मिशनरी, शिक्षण, सामाजिक कार्यकर्ता और कृषक थे।

 

महंत चांदनाथ 18 साल की उम्र में नाथ साधु बने और हठ योग को प्रोत्साहित करते रहे। विद्याम जन सेवानाम के लक्ष्य के साथ 50 से अधिक व्यावसायिक पाठयक्रमों के साथ निजी विश्वविद्यालय की शुरुआत की। उन्होंने हिन्ट्री आफ मठ अस्थल बोहर, बाबा मस्तनाथ चरित, मस्तनाथ चालीसा, गुरु महिमा, भारत का गौरव (पार्ट 1 व 2) और यात्रा के मोती एवं मस्तनाथ वाणी (मासिक पत्रिका) का प्रकाशन किया।

 

वे शास्त्रीय एवं आचार्य कोर्सेज को उन्नत करने में महती भूमिका निभाते हुए समस्त भाषाओं की जननी की रक्षार्थ सेवारत रहे। उन्होंने भारतीय कला एवं संस्कृति की रक्षार्थ अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया। रोहतक हरियाणा और हनुमानगढ़ राजस्थान में चेरिटेबल अस्पताल का संचालन करने के साथ-साथ पांच गोशालाओं का संचालन भी किया। अलवर में भी काली मोरी फाटक स्थित हीरानाथ आश्रम में इनका कार्यालय है।

नि:शुल्क शिक्षा में दिए साढ़े ६ हजार को प्रवेश, अब होगा भौतिक सत्यापन


अलवर. शिक्षा विभाग की ओर से इस नए शिक्षा सत्र में ६ हजार ६७४ विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा के तहत प्रवेश दिया गया। अब इन प्रवेशार्थियों का भौतिक सत्यापन अक्टूबर माह से प्रारम्भ होगा।
इस वर्ष अलवर जिले के ५७३ स्कूलों में आरटीई के प्रवेश हुए। इस बार निशुल्क शिक्षा के लिए भौतिक सत्यापन करने वालों की ऑनलाइन ड्यूटी बीकानेर शिक्षा निदेशालय कार्यालय से ऑनलाइन लगाई जाएगी। आरटीई में शामिल होने वाले सभी विधार्थियों को आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है जिसके चलते एक विधार्थी का दो स्कूलों व संस्थाओं में प्रवेश नहीं दिखाया जा सकेगा। आरटीई के प्रभारी बलदेव कृष्ण गुप्ता ने बताया कि एक स्कूल में कुल विधार्थियों के २५ प्रतिशत विधार्थी आरटीई में प्रवेश ले सकेंगे जिनकी फीस की पुनर्भरण राशि सरकार वहन करेगी।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned