अलवर में बच्ची की मौत के मामले में सात लोगों पर गिरी गाज, परिजनों ने की 10 लाख के मुआवजे की मांग

अलवर के शिशु चिकित्सालय में मंगलवार को झुलसी 20 दिन की बच्ची ने बुधवार को जयपुर में दम तोड़ दिया। अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है।

By: kamlesh

Published: 01 Jan 2020, 06:31 PM IST

अलवर। अलवर के शिशु चिकित्सालय में मंगलवार को झुलसी 20 दिन की बच्ची ने बुधवार को जयपुर में दम तोड़ दिया। अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। शिशु अस्पताल में बालिका की मौत के मामले में संयुक्त निदेशक की जांच के बाद सरकार ने 2 डॉक्टर, 2 स्टाफ नर्स सहित 6 जनों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं ठेके पर कार्यरत इलेक्ट्रिशियन को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले में कुल सात जनों पर गाज गिरी है।

सरकार ने शिशु अस्पताल के प्रभारी महेश शर्मा के साथ डॉ. कृपाल सिंह, एफबीएनसी वार्ड प्रभारी शारदा शर्मा, स्टाफ नर्स भारती मीणा व स्नेहलता, वार्ड मेड तारा को निलंबित किया है। वहीं ठेके पर कार्यरत इलेक्ट्रिशीयन रघुनंदन को बर्खास्त किया है।

यह रही लापरवाही
इस पूरे मामले की जांच के दौरान सबके बयान अलग-अलग मिले। वार्ड मेड ने चिकित्सकों पर ड्यूटी के दौरान सोने का आरोप लगाया। वहीं जांच के दौरान वार्मर में वॉल्टेज भी ज्यादा मिला, इसके चलते इलेक्ट्रिशिन को बर्खास्त कर दिया गया है।

परिजनों ने की 10 लाख के मुआवजे की मांग
बच्ची की जयपुर के जेके लोन अस्पताल में मौत के बाद परिजनों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। बच्ची के पिता राहुल गौड़ ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि आरोपियों पर सरकार ने कार्रवाई की है। वहीं बच्ची के परिजनों ने सरकारी सहायता कोष से 10 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

यह था मामला
अलवर के शिशु चिकित्सालय में मंगलवार सुबह बेबी वार्मर में आग लगने से 20 साल की बच्ची की मौत हो गई थी। सुबह अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को बुलाया, परिजन पहुंचे तो वहां बच्ची का 80 प्रतिशत शरीर जला हुआ था। बच्ची को गंभीर अवस्था में जयपुर रैफर किया गया, जहां जेके लोन अस्पताल में बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned