अलवर में गोपाष्टमी पर गौ माता का हुआ पूजन, श्रद्धालुओं ने हवन कर मांगी खुशहाली

अलवर में गोपाष्टमी के अवसर पर गौमाता की पूजा की गई। गोशालाओं में पूजा अर्चना हवन यज्ञ आदि के कार्यक्रम हुए।

By: Lubhavan

Published: 22 Nov 2020, 11:21 PM IST

अलवर. कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी रविवार को गोपाष्टमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। श्रद्धालु महिलाओं ने गौ माता की पूजा कर घर में सुख समृद्धि की कामना की। शहर के चौराहों सब्जी मंडी व अन्य स्थानों पर दानदाताओं ने गोमाता को हरा चारा और सब्जियां खिलाई।

गोपाष्टमी के मौके पर अलवर शहर के रेलवे स्टेशन स्थित सार्वजनिक गोशाला में गौ माता का पूजन व हवन यज्ञ किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया।
अनेक गोशालाओं में पूजा अर्चना हवन यज्ञ आदि के कार्यक्रम हुए।

गोपाष्टमी के व्रत का किया उद्यापन

मधुसूदन गो सेवा संस्थान गोकुल गोशाला कटोरी वाला तिवारा अलवर में गोपाष्टमी के पर्व पर 31 माताओं ने 14 पत्तल में रोटी और गुड़ रख कर के गोपाष्टमी का व्रत उद्यापन किया। गौ माताओं का पूजन, गोपाल सहस्त्रनाम पाठ, श्री सूक्त पुरुष सूक्त से हवन यज्ञ किया गया। इस अवसर पर कई भक्तों ने गोदान किया। कानपुर के शिवशरण शुक्ला ने हवन यज्ञ और गोदान किया।

गोपाष्टमी का बताया महत्व, गौ माता के दर्शन से पाप नष्ट होते हैं

स्वामी सुदर्शनाचार्य ने गोपाष्टमी का महत्व बताते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने गाय को अपना शरीर बताया है। गोपाष्टमी के दिन समुद्र मंथन से गौ माता कामधेनु के रूप में प्रकट हुई। उन्हीं की समस्त गोमाता संतति हैं। प्राचीन काल में हमारे प्रमुख सप्तऋ षियों ने गाय का पालन किया था। गाय सर्वदेव मय है। गौ माता के दर्शन तथा पंचगव्य दूध, दही, गोबर, गोमूत्र का सेवन करने से अनेक रोग नष्ट होते हैं, तथा जन्म जन्मांतर के पाप भी नष्ट होते हैं।
इस अवसर पर गौ सेवकों को वस्त्र और दक्षिणा देकर के सम्मानित किया गया। गो दान करने वाले भक्तों को भी दुपट्टा और प्रसाद देकर सम्मानित किया गया।

Lubhavan Desk
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