अलवर में बड़ा फेरबदल फुला न दे पुलिस की सांस, बदल गया पूरा पुलिस महकमा

अलवर में बड़ा फेरबदल फुला न दे पुलिस की सांस, बदल गया पूरा पुलिस महकमा

Hiren Joshi | Publish: Sep, 05 2018 04:39:17 PM (IST) Alwar, Rajasthan, India

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अलवर. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अलवर जिले के पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिला पुलिस कप्तान सहित एएसपी, डीएसपी और ज्यादातर थानाधिकारी बदले जा चुके हैं। थानों के स्टाफ को भी इधर-उधर किया जा रहा है। ऐनवक्त पर पुलिस तंत्र में बड़ा बदलाव चुनावी माहौल पर असर डाल सकता है। वहीं, नए पुलिस अधिकारियों के लिए शांतिपूर्ण चुनाव कराना बड़ी चुनौति होगी।

राज्य के गृह विभाग की ओर से पिछले दिनों आईपीएस और आरपीएस की तबादला सूची जारी की। जिसमें आईपीएस राजेन्द्र सिंह को पुलिस कप्तान के रूप में अलवर जिले की कमान सौंपी गई है। जिले में एएसपी (मुख्यालय), एएसपी (ग्रामीण), एएसपी (नीमराणा) और एएसपी (भिवाड़ी) बदल दिए हैं। इसके अलावा सभी डीएसपी (शहर उत्तर), डीएसपी (एससी/एसटी), डीएसपी (ट्रैफिक), डीएसपी (शहर दक्षिण) व डीएसपी (ग्रामीण) सहित राजगढ़, लक्ष्मणगढ़, किशनगढ़बास व बहरोड़ डीएसपी बदले गए हैं, जबकि भिवाड़ी डीएसपी का पद फिलहाल रिक्त है। जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने हाल ही पुलिस निरीक्षक और उप निरीक्षकों की लम्बी स्थानांतरण/पदस्थापन सूची जारी की। जिसमें जिले के 25 से ज्यादा थानाधिकारियों का बदला गया है।

लम्बे से समय से जमा स्टाफ भी बदला

जिला पुलिस अधीक्षक ने हाल ही जिले में 139 एएसआई, हैडकांस्टेबल और कांस्टेबलों को इधर-उधर किया है। ये सभी कई सालों से एक ही थाने में जमे हुए थे। चुनाव आयोग के नियमानुसार जिन अधिकारियों ने जिले में उपचुनाव कराया था वह यहां अगला चुनाव नहीं करा सकते हैं। इसी प्रकार जो पुलिसकर्मी चार साल से अधिक एक ही थाने में जमे हुए थे, उनका स्थानांतरण किया गया है।

प्रशासनिक अधिकारी पहले ही बदले

चुनाव आयोग की गाइड लाइन के तहत जिले का प्रशासनिक अमला पुलिस महकमे से पहले ही बदला जा चुका है। इनमें जिला कलक्टर और तीनों अतिरिक्त जिला कलटर के अलावा लगभगत सभी एडीएम, तहसीलदार और बीडीओ बदले जा चुके हैं।

ये हो सकती है परेशानी

जिले के ज्यादातर पुलिस थानों में थानाधिकारी समेत काफी स्टाफ नया है। इसके अलावा सर्किल के डीएसपी और एएसपी हाल ही आए हैं। ऐसे में उनके लिए पूरा क्षेत्र नया है। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति और लोगों के बारे में उन्हें कम ही जानकारी है। ऐसे में चुनाव के दौरान उन्हें इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल होगा कि कौन व्यक्ति किस प्रवृत्ति का है और चुनाव में माहौल बिगाड़ सकता है। चुनाव के दौरान माहौल बिगडऩे पर किस तरह और किन व्यक्तियों के माध्यम से कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है। इसके अलावा उनके पास पब्लिक के बीच से आने वाली सूचनाओं का भी अभाव रहेगा।

जनसहभागिता शिविर बन सकते हैं मददगार

पुलिस की ओर से जिले में जनसहभागिता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत सभी हर वार्ड, कस्बे, गांव और ढाणी में पुलिस अधिकारियों द्वारा शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। साथ ही क्षेत्र के लोगों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। यदि पुलिस इस अभियान को गंभीरता से चलाकर हर व्यक्ति का डेटाबेस तैयार करने में सफल रही तो उसे विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने में पूरी मदद मिल
सकती है।

हर व्यक्ति का होगा डेटाबेस

चुनाव आयोग के नियमों के तहत अलवर और अजमेर जिले में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिले में आगामी विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक कराने के लिए पूरा जोर रहेगा। अलवर में पुलिस की ओर से जनसहभागिता अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत हर एक व्यक्ति का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। जो चुनावों में भी पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित होगा।
राजेन्द्र सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।

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