अलवर. पुलिस के जवानों ने अद्भुत कौशल का परिचय देते हुए शुक्रवार को आंखों पर पट्टी बांध एक मिनट में ही हथियार तैयार कर फायरिंग पॉजिशन ले ली। राज्य के एडीजी सुनील दत्त के पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान यह प्रदर्शन किया गया। भले ही 35 दिन पहले बहरोड़ में पुलिस को जब हकीकत में कौशल दिखाने का मौका मिला तो वह फेल हो गई। तब 6 सितम्बर को बदमाशों ने बहरोड़ थाने में एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थी और कुख्यात बदमाश पपला गुर्जर को छुड़ा ले गए। इस दौरान थाने में एसएचओ समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद थे और कई पुलिसकर्मियों के हाथों में हथियार भी थे, लेकिन सबके हाथ बंधे रहे। किसी भी पुलिसकर्मी ने एक गोली तक नहीं चलाई। डेमो के बजाय बहरोड़ घटना के दौरान अलवर पुलिस कौशल दिखाती तो शायद राजस्थान पुलिस की नाक कटने से बच जाती। इस घटना के बाद से ही पूरे पुलिस महकमे ने गंभीर चिंता जताई थी। परम्परागत हथियारों की जगह अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराने सहित स्तरीय प्रशिक्षण की दरकार जताई गई थी। आमजन में विश्वास और अपराधियों में खौफ के लिए ऐसे प्रशिक्षण जरूरी है

अलवर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (टेक्नीकल एंड टेलीकम्यूनिकेशन और एससीआरबी) सुनील दत्त ने शुक्रवार को पुलिस लाइन, अरावली विहार थाने, अभय कमांड सेंटर, सीओ ग्रामीण व एसपी ऑफिस का निरीक्षण किया। पुलिस लाइन में जवानों की सम्पर्क सभा और अन्वेषण भवन में पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली। पुलिस लाइन में पुलिसकर्मी और क्यूआरटी कमांडो ने क्राइम सीन, हथियार और नाकेबंदी आदि का डेमो दिया।

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