बहुचर्चित रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में आई बड़ी खबर, जानिए आप भी

बहुचर्चित रकबर मॉब लिचिंग प्रकरण में बड़ी खबर सामने आई है।

By: Lubhavan

Published: 10 Feb 2021, 10:17 PM IST

अलवर. बहुचर्चित रकबर मॉब लिचिंग प्रकरण में मृतक के परिजनों की ओर से लगाई गई कोर्ट ट्रांसफर याचिका को जिला एवं सैशन न्यायाधीश संगीता शर्मा ने मंगलवार को खारिज कर दिया। प्रकरण में अब 15 फरवरी को एडीजे संख्या-1 कोर्ट में बहस होगी। इसके बाद मामले में जल्द न्यायालय का फैसला आने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार हरियाणा के कोलगांव निवासी रकबर उर्फ अकबर की 20 जुलाई 2018 को रामगढ़ के ललावंडी में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने चार आरोपी धर्मेन्द्र यादव, परमजीत सिंह, नरेश व विजय कुमार को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। वहीं, पांचवें आरोपी के खिलाफ जांच अभी लम्बित है। प्रकरण फिलहाल अलवर एडीजे संख्या-1 कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में परिवादी मृतक के रकबर की मां हबीबन पत्नी सुलेमान और चश्मदीद गवाह असलम ने नूंह-हरियाणा के वकील इसराक खान के माध्यम से शनिवार को जिला एवं सैशन न्यायालय अलवर के समक्ष याचिका लगाई। जिसमें कहा कि उन्हें एडीजे संख्या-1 कोर्ट से न्याय की उम्मीद नहीं है। इसलिए इस मामले को अन्य कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए।

इस याचिका पर मंगलवार शाम को जिला एवं सैशन न्यायाधीश संगीता शर्मा ने सुनवाई की। जिसमें न्यायाधीश ने यह मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि उच्च न्यायालय की ओर से अलवर एडीजे संख्या-1 कोर्ट को मॉब लिचिंग कोर्ट घोषित किया हुआ है। इसलिए यह याचिका पर कोर्ट ट्रांसफर करना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। यह याचिका उच्च न्यायालय में लगनी चाहिए थी। कोर्ट ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई के दौरान मृतक रकबर की मां, चश्मदीद गवाह असलम सहित अन्य परिजन व उनके वकील इसराक खान अलवर कोर्ट में मौजूद रहे।

प्रकरण में जांच अधिकारी के बयान हुए

उधर, रकबर मॉब लिचिंग प्रकरण में मंगलवार को एडीजे संख्या-1 कोर्ट न्यायाधीश डॉ. सरिता स्वामी के समक्ष जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरसिंह के बयान कराए गए। फिर चारों आरोपी धर्मेन्द्र यादव, परमजीत सिंह, नरेश और विजय कुमार को कोर्ट में पेश कर बयान मुल्जिम कराए गए। इसके बाद न्यायाधीश डॉ. सरिता स्वामी ने प्रकरण में बहस के लिए 15 फरवरी की तारीख पेशी तय की।

यह था प्रकरण

20 जुलाई 2018 की रात हरियाणा के कोलगांव निवासी रकबर उर्फ अकबर पुत्र सुलेमान और उसका साथी असलम खान दो गांयों को लेकर पैदल-पैदल रामगढ़ के ललावंडी गांव से होते हुए अपने गांव जा रहे थे। गोतस्करी के शक में कुछ लोगों ने ललावंडी गांव में उन्हें रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान असलम छुड़ाकर भाग गया था। जबकि लोगों ने रकबर को मारपीट कर गोवंश सहित रामगढ़ थाना पुलिस को सौंप दिया। इसके करीब चार घंटे बाद तडक़े करीब चार बजे रकबर की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इस मॉब लिंचिंग की घटना से देशभर में बवाल मच गया था।

Lubhavan Desk
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