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राजस्थान के महाठग फर्जी आर्मी अफसर बनकर मुंबई सहित देशभर में करते थे लूट, आर्मी की इंटेलिजेंस और पुलिस ने धर-दबौचा

thugs of rajastan : राजस्थान पुलिस ने देश के कई हिस्सों में लूट व ठगी के आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Jul 22, 2019

Army Intelligence And Alwar Police Arrest Thugs Of Rajasthan

राजस्थान के महाठग फर्जी आर्मी अफसर बनकर मुंबई सहित देशभर में करते थे लूट, आर्मी की इंटेलिजेंस और पुलिस ने धर-दबौचा

अलवर. thugs of rajasthan : पुराना सामान ऑनलाइन बेचने व खरीदने वाली वेबसाइट ओएलएक्स ( olx ) पर आर्मी के फर्जी जवान बनकर लोगों को लूटने वाली गैंग का जोधपुर की आर्मी इंटेलीजेंस लाइजन यूनिट व अलवर पुलिस ( alwar police ) ने पर्दाफाश कर दिया। गैंग के सात में से छह जने हरियाणा के मेवात जिले के हैं और एक भरतपुर निवासी है। सभी मेव जाति के हैं।

आर्मी ने पुलिस के साथ मिलकर आमिर खान पुत्र जाकिर हुसैन (25), अरसद पुत्र अयूब (23), निसार पुत्र फारुख (19), तारीफ पुत्र भभ्बल (21), मौसम खान पुत्र जैकम खान (25), जावेद पुत्र गूंगा (25) और भरतपुर के फरीद पुत्र जैकम (19) को पकड़ा। इनके पास आर्मी सहित सिविल लोगों की कई आइडी बरामद हुई है। पूछताछ के लिए अलवर पुलिस को सौंपा गया है।

गैंग ने जोधपुर, उदयपुर, जयपुर, मुंबई और मध्यप्रदेश के कई लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी करने के साथ अलवर बुलाकर लूटपाट की। गैंग के सदस्य अलवर व भरतपुर के रहने वाले हैं। गैंग के सदस्यों के विरुद्ध कई पुलिस थानों में एफआइआर दर्ज है।

इनके साथ हुई लूट

जोधपुर में करीब आधा दर्जन लोगों के साथ इस तरह लूट होने पर आर्मी इंटेलीजेंस हरकत में आई। बेरु गांव के संतोष जोशी पुत्र गणपत जोशी ने कैमरा खरीदने की पेशकश की, जिसमें उन्होंने पेटीएम पर एडवांस 25 हजार रुपए जमा करवाए। इसके बाद कैमरा तो नहीं आया, उलटा गैंग ने फोन स्विच ऑफ कर लिया। खुडाला गांव के विनोद शर्मा पुत्र अचलाराम, भाण्डू के धीरज पुत्र रामाराम और खुड़ाला के ही प्रेम सुथार पुत्र बालूराम सुथार से कार के नाम पर ठगी की गई। ये तीनों 4 लाख रुपए में 2017 मॉडल की कार खरीदने अलवर गए, जहां गैंग ने इनसे मोबाइल, एटीएम और पांच हजार रुपए लूट लिए।

ये था लूटने का तरीका

गैंग के सदस्य फर्जी आर्मी अफसर बनकर पेश होते थे। इसके लिए वे किसी आर्मी अफसर की आइडी का इस्तेमाल करते थे। ओएलएक्स पर कार, मोबाइल व लेपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की फोटो लगा देते और उसे 40 से 50 प्रतिशत मूल्य पर बेचने की पेशकश करते। उदाहरण के तौर पर एक कंपनी की कार का 2017 मॉडल केवल 4 लाख रुपए में देने के लिए ओएलएक्स पर डाला, जिसमें जोधपुर के लोग ठगी का शिकार हो गए। गैंग के सदस्य खरीददार से भी ऑनलाइन आइडी ले लेते थे जो वे अगली लूट में इस्तेमाल करते थे। समय की कमी का बहाना कर पेटीएम में एडवांस पैसे जमा कराने व सामान कूरियर से भेजने की कहते। पेटीएम से रुपए प्राप्त होने पर मोबाइल नम्बर बदल नया पेटीएम खाता शुरू कर देते। इस तरह करीब 15 से 20 लाख रुपए की ठगी गैंग ने की है।