आभा खो रही ऐतिहासिक छतरी

प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान

अलवर. बहरोड़ कस्बे में कई वर्ष पूर्व बनी पुरा इतिहास दर्शाने वाली छतरी की देखरेख के अभाव में खण्डहर हो रही है। प्रशासन इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है।
बहरोड़ कस्बे में इन्द्रा कॉलोनी में कई वर्षों पूर्व बनी हुई छतरी प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो चुकी है। प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से आसपास के लोगों ने इस पर अपना कब्जा जमा लिया है तथा इसे पशुओं का चारा भरने के लिए काम में ले रहे हैं। हाइवे से अलवर रोड़ मार्ग पर स्थित शमशान घाट के पास इस छतरी का निर्माण कई वर्ष पूर्व के समय मे करवाया गया था। जहां पर सफेद संगमरमर के एक पत्थर पर महिला व पुरुष के पद चिन्ह उकेरे हुए हंै तथा गुम्बद पर विभिन्न तरह की चित्रकारी की हुई है। छतरी पर की हुई चित्रकारी को देख कर लोग उसकी शैली के बारे में जानने की कोशिश करने लगते हैं। कस्बे के लोगों ने बताया कि कई वर्ष पूर्व बनी इस छतरी पर सुंदर चित्रकारी की हुई है। प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं देने से यह छतरी अपनी आभा खो रही है।
बन सकता है पर्यटन स्थल: कस्बे में स्थित यह ऐतिहासिक छतरी को प्रशासन द्वारा रुचि लेकर सही करवाया जाए तो यह एक पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना सकती है।

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