अलवर जिले की जीवनरेखा है ये चौराहा, इसे है सांसों की दरकार

Dharmendra Yadav

Publish: Feb, 15 2018 03:24:51 PM (IST)

Alwar, Rajasthan, India
अलवर जिले की जीवनरेखा है ये चौराहा, इसे है सांसों की दरकार

अलवर का ततारपुर चौराहा अलवर जिले की जीवनरेखा है, लेकिन इसके हालात बेहद ही बदतर है।

मुण्डावर. जिले की जीवन रेखा है ततारपुर चौराहा। यहां से बहरोड़-दिल्ली, बानसूर-कोटपूतली-जयपुर, खैरथल-किशनगढ़बास और अलवर के लिए प्रतिदिन सैकड़ों वाहन निकलते हैं, जिनमें हजारों लोग सफर करते हैं। यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारी और मंत्री और नेता भी इस चौराहे से गुजते हैं। इसके बावजूद ततारपुर गांव के यह चौराहा विकास की बाट जोह रहा है।

सरकारें आई और गई, लेकिन विकास और सुविधा मुहैया करवाने के लिए किसी भी सरकार की नजरें इस ओर इनायत नहीं हो सकी। खास बात यह है कि इस चौराहे के २० साल पहले भी वही हाल थे, जो कि आज हैं, दो दशक के लंबे दौर में यहां कुछ भी नहीं बदल सका। इतना ही नहीं चौराहे के आसपास बसे गांवों के हाल भी इन दो दशक में नहीं बदल पाए। सुविधाओं के अभाव में लोग आज भी वहां समस्याओं के साये में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। यह तो यहां रहने वाले लोगों की खुद की सामथ्र्य है कि गांवो में थोड़ी बहुत सुविधाएं नजर आती है, वरना प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान इन गांवों की ओर कभी नहीं जा पाया।

अतिक्रमण है समस्या

ततारपुर चौराहे पर थड़ी, ठेले वालों ने अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है। चौराहे से दिनभर सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, ऐसे में ठेलियां खड़ी रहने से वाहनों को निकलने में दिक्कत होती है, जिससे हर पहल दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है।

शौचालय तक नहीं

ततारपुर चौराहे पर दिनभर सैकड़ों वाहन गुजरते हैं और उनमें हजारों लोग सफर करते हैं। अति व्यस्त रहने वाले इस चौराहे पर प्रशाासन ने शौचालय तक नहीं बनवा रखा है, जिससे लोगों को परेशानी होती है, विशेषकर महिलाओं को। इस बारे में कई बार मांग की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

समाजसेवी ने बनवाई टंकी

ततारपुर चौराहे पर पेयजल की समस्या है। स्थानीय दुकानदार और यात्री पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए वन विभाग में रेंजर रहे घनश्याम दत्त शर्मा की स्मृति में उनकी पत्नी बीना शर्मा निवासी पदमाड़ा कला हाल अलवर निवासी ने छह माह पहले यहां पानी की टंकी बनवाई, जिससे लोगों को राहत मिली है।

bad condition of tatarpur circle in alwar

गांव में गंदगी से लोग दुखी

उपखण्ड क्षेत्र के सबसे बड़े गांव ततारपुर और चौराहे के हालात बदतर हैं। गांव के विभिन्न मोहल्लों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए उचित बंदोबस्त नहीं है। ऐसे में आम रास्तों पर पानी फैला रहता है। सफाई नहीं होने से गंदा पानी व कीचड़ भरा रहता है, जिससे ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी होती है। विशेषकर बच्चे व बुजुर्गों को दिक्कत होती है। साथ ही गंदे पानी में पनप रहे मच्छरों से बीमार होने का अंदेशा बना रहता है। ततारपुर गांव में गौरव पथ का रानौठ रोड, ततारपुर-बहरोड़-अलवर मार्ग, कदम वाला मोहल्ला, मेघवाल मोहल्ला सहित विभिन्न मोहल्लों व मार्गों पर हमेशा गंदगी बनी रहती है। हालांकि कस्बे के विभिन्न मोहल्लाों में पानी की निकासी की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत की ओर से कराया जा रहा नाली निर्माण कार्य ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। ग्राम पंचायत ने कुछेक स्थानों पर नाली निर्माण करवाया है, लेकिन समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी व कीचड़ जमा रहता है।

बारिश के दिनों में तलैया बन जाते है रास्ते

बारिश के मौसम में सडक़ पर कीचड़ जमा होने से विकट समस्या हो जाती है। नालियों के अभाव में पानी आम रास्ते पर भरा रहता है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। लोग घरों के कैद हो जाते हैं।

जनप्रतिनिधि नहीं देते ध्यान

जनता को हर सुविधा मुहैया कराने के लिए चुनाव के दौरान नेता सरकार की तारीफों के पुल जरूर बांधते हैं, लेकिन गांवों में आकर विकास कार्य नहीं कराते हैं। आज भी हालात गांवों के हालाल खराब हैं। लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। लोग विभागों के समस्याओं के समाधान के लिए चक्कर काटते रहते हैं, उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है।

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