25 साल से बंद पड़ी सहकार समिति किसानों को नहीं मिल रहा रियायत पर खाद-बीज

25 साल से बंद पड़ी सहकार समिति किसानों को नहीं मिल रहा रियायत पर खाद-बीज

Kailash Chand Sharma | Updated: 14 Jul 2019, 05:36:15 PM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India

25 साल से बंद पड़ी सहकार समिति किसानों को नहीं मिल रहा रियायत पर खाद-बीज


शाहजहांपुर (नीमराणा). एक सबके लिए सब एक के लिए जय सहकार का नारा देने वाले सहकारिता विभाग व अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी ओर लापरवाही के चलते कस्बे में सन 1970 के दशक में रजिस्टर्ड होकर संचालित हुई थी। शाहजहांपुर ग्राम सेवा सहकारी समिति अब 1994 से बंद पड़ी है। खास बात यह है कि विगत 25 सालों से बंद पड़ी इस सहकारी समिति को चालू करवाने में जन प्रतिनिधियों ओर सरकार किसी ने भी जहमत नहीं उठाई। इसी का नजीता है कि इस क्षेत्र के किसानों न तो सरकारी खरीद पर खाद बीज मिलता है और न सस्ता फसली ऋण यानी खामियाजा किसान भुगत रहे है। इसके अलावा नैफैड व सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए क्रय विक्रय सहकारी समिति की दुकान भी नहीं है। कभी समिति अभाव में किसानों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं पहुंच पाता है। इस लिए कस्बे के लोग ऐसे में समिति अभाव में नजदीकी गांवों की सोसाइटी में जुड़ रहे है। सरकार व जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खरीद से होती है आय...: राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद क्रय विक्रय सहकारी समितियों के द्वारा ही कराती है। इससे क्रय विक्रय सहकारी समितियों को आय होती है। नैफैड एक प्रतिशत कमीशन देता है। इसके अलावा सहकारी समिति अपने स्तर पर संसाधन जुटाती है । क्रय विक्रय सहकारी समिति के लिए पुराने पटवार घर के पास भवन व गोदाम बने हुए है। सालों से बंद होने के कारण भवन व गोदाम जर्जर हो चुके है, लेकिन इनके पुन: मरम्मत होने की कोई उम्मीद नहीं है इनको तोड़कर नया भवन ही बनाया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार अब इस भवन को क्रय विक्रय समिति को दे दिया गया है। जिसका पट्टा भी ग्राम पंचायत की और से जारी कर दिया गया है।
नहीं लिया कोई एक्शन: सहकारी समिति में लाखों की हानि हुई थी, इसके बाद उक्त समिति को बंद कर दिया। लेकिन हानि पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। ना ही तो किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई की गई व ना ही कारणों की समीक्षा हुई। मांग उठाई थी: जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज दी ग्राम सहकारी समिति बंद होने के बाद कई वर्षों तक किसानों व जनप्रतिनिधियों ने चालू करने की मांग नहीं उठाई। करीब दो साल पहले कस्बेवासियों ने तत्कालीन विधायक स्व धर्मपाल चौधरी को इसे चालू करवाने की मांग की थी व सहकारिता मंत्री को पत्र भी लिखे थे। लेकिन सरकार के द्वारा कोई सुध नहीं ली गई। इसके बाद किसानों ने भी इसे चालू करवाने की मांग की।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned