परिजनों ने दस साल की उम्र में करा दिया विवाह, न्यायालय में लगाई गुहार, अब मिली मुक्ति

अलवर के थानागाजी निवासी पिंकी कंवर को बाल विवाह के दंश से मुक्ति मिल गई है।

By: Prem Pathak

Published: 10 Feb 2018, 08:55 AM IST

करीब एक दशक से बाल विवाह का दंश झेल रही अलवर के थानागाजी निवासी पिंकी कंवर को अब इससे मुक्ति मिल गई है। प्रकरण में जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दस साल पहले हुए इस बाल विवाह को निरस्त कर दिया है।

अलवर जिले के लावा का बास-थानागाजी निवासी और हाल जोधपुर में अध्ययनरत 19 वर्षीय पिंकी कंवर का करीब दस साल की उम्र में ही समाज के लोगों ने परित्यक्यता मां पर दबाव बनाकर दौसा निवासी हिम्मत सिंह के साथ बाल विवाह करा दिया था। बाल विवाह के बाद से उसके ससुराल वालों ने गौना करवाने के लिए दबाव बनाकर उसे अगुवा तक करने के प्रयास किए। करीब दस साल तक पिंकी और उसकी मां मीरा देवी ने खौफ के साए में पल-पल गुजारा। उल्लेखनीय है कि पिंकी फिलहाल जोधपुर से बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा है।

न्यायालय में गुहार

गत वर्ष जून माह में पिंकी कंवर ने सारथी ट्रस्ट की डॉ. कृति भारती की मदद से जोधपुर पारिवारिक न्यायालय संख्या-एक में बाल विवाह निरस्त कराने के लिए वाद दायर किया। डॉ. कृति ने न्यायालय को पिंकी के बाल विवाह निरस्त के तथ्यों और आयु सम्बन्धी दस्तावेजों से अवगत कराया। इसके साथ ही लडक़े की दिव्यांगता और लाइलाज बीमारी के बारे में भी तथ्य उजागर किए। प्रकरण में न्यायाधीश रेखा भार्गव ने 31 जनवरी 2018 को पिंकी के बाल विवाह को निरस्त करने का फैसला सुनाया।

सारथी ट्रस्ट ने की मदद

कुछ समय पहले पिंकी और उसकी मां को सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती के बाल विवाह निरस्त कराने की मुहिम के बारे में पता चला। उन्होंने वहां जाकर अपनी पीड़ा बताई। इसके बाद डॉ. कृति भारती ने पिंकी को खुद के संरक्षण में ले लिया।

पीड़ा खत्म, अब शिक्षक बनूंगी

मैंने बाल विवाह की करीब एक दशक तक पीडा भोगी। अब बाल विवाह निरस्त होने के बाद शिक्षक बनकर भविष्य संवारूंगी।
पिंकी कंवर, बाल विवाह पीडि़ता

बेहतर पुनर्वास के प्रयास

बाल विवाह निरस्त के बाद पिंकी के बेहतर पुनर्वास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पिंकी की प्रतिभाओं को तराशा जा रहा है।
डॉ. कृति भारती, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, मैनेजिंग ट्रस्टी सारथी ट्रस्ट, जोधपुर।

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