कोर्ट ने गौ हत्या के आरोपितों को सुनाई ऐसी कठोर सजा, आगे से कोई नहीं करेगा हिम्मत

अलवर में गोवध के मामले में न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है।

By: Prem Pathak

Published: 16 May 2018, 09:59 AM IST

अलवर जिले में गोतस्करी की बढ़ती वारदातों के बीच एक अच्छी खबर आई है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 तिजारा शंकरलाल गुप्ता ने मंगलवार को रज्जाक पुत्र छुटमल व मुबीन पुत्र घूसला निवासी मिलकपुर तुर्क को गोवध आरोप में 7 वर्ष की सजा एवं 10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।

अपर लोक अभियोजक सुनील जैन ने के अनुसार टपूकड़ा थाने में तत्कालीन एएसआई बाबूलाल ने मामला दर्ज कराया कि 11 मार्च 2008 को रात्रि को मिलकपुर तुर्क में नदी के पास रज्जाक पुत्र छुटमल के छप्पर में रजाक व उसका लडक़ा शाकिर, नफी व मुबीन पुत्र घूसला निवासी मिलकपुर तुर्क गोमांस बेच रहे हैं। इस पर एएसआई बाबूलाल मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचे और शाकिर को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम शाकिर (16) पुत्र रज्जाक निवासी मिलकपुर तुर्क बताया तथा भागने वालों के नाम रज्जाक व घूसला के लडक़े नफी और मुबीन बताया। मौके पर छप्पर से गोमांस के अवशेष, तराजू व लकड़ी के गुटखे जब्त किए गए।

पुलिस ने रज्जाक, नफी, मुबीन व अपचारी बालक के खिलाफ गोवध का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में पेश किया। वहीं तीनों आरोपित रज्जाक, नफी व मुबीन को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। जिसमें नफीस उर्फ नफी की मुकदमा सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। न्यायालय में सुनवाई पूरी होने पर मंगलवार को रज्जाक एवं मुबीन निवासी मिलकपुर तुर्क को दोषी मानते हुए 7 वर्ष की सजा एवं दस हजार हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।

गोतस्करी पर लगेगी रोकथाम

अलवर में पिछले दिनों गोतस्करी की घटनाएं अपने चरम पर थी। अलवर व आस-पास के क्षेत्रों में आए दिन गोतस्करी की घटनाएं सामने आ रही थी। पुलिस पर गोतस्करों की ओर से फायरिंग भी की गई। अब न्यायालय के फैसले के बाद आरोपितों को सात वर्ष की कैद हुई है। इससे गोतस्करी पर कुछ हद तक लगाम लगेगी।

Prem Pathak Reporting
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