अलवर में यहां फ्लैट के पैसे जमा कराने के बाद भी नहीं दिया फ्लैट, अब न्यायालय ने सुनाया यह निर्णय

अलवर में यहां फ्लैट के पैसे जमा कराने के बाद भी नहीं दिया फ्लैट, अब न्यायालय ने सुनाया यह निर्णय

Hiren Joshi | Publish: Oct, 13 2018 02:53:57 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 02:53:58 PM (IST) Alwar, Rajasthan, India

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अलवर. जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने रिहायशी फ्लेट योजना में समय पर फ्लेट नहीं देने पर बिल्डर को फ्लेट की जमा राशि उपभोक्ताओं को वापस देने का निर्णय सुनाया है।
गाजियाबाद यूपी निवासी मंजूबाला चौधरी ने उपभोक्ता मंच में मैसर्स इनवेस्टमेंट गुरु डवलपर्स इंडिया प्रा. लि. के प्रबंधक , विक्रम टावर नई दिल्ली राजेंद्र पैलेस व जरिए प्रबंधक डी203 भगतसिंह कॉलोनी के खिलाफ परिवाद दायर किया।

परिवादी का कहना था कि एमरेंट रीयलटक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सेक्टर नंबर 41, भिवाड़ी मे अमरेंट हाइटस नाम से रिहायशी फ्लेट बनाने की परियोजना शुरु की थी। इस योजना में परिवादी ने एक फ्लेट बुक कराने के लिए 11 नवंबर 2013 में आवेदन किया था। इसके लिए 75 हजार रुपए का चेक भी दिया था। अप्रार्थी का कहना था कि फ्लेट का निर्माण तुरंत चालू कर दिया जाएगा । निर्माण चालू होते ही किश्तो ंका भुगतान करना होगा। इसके बाद प्रार्थीनी ने 11 अप्रेल को 50 हजार रुपए की राशि जमा करवा दी। इसके बाद भी ना तो बिल्डर ने फ्लेट का निर्माण कार्य शुरु किया और ना ही जमा कराई राशि वापस लौटाई।

जिला उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष बलदेवराम चौधरी और मंच के सदस्य अशोक कुमार पारीक ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद माना कि मंजूबाला चौधरी ने बुकिंग के लिए पहली बार 75 हजार रुपए और दूसरी बार 50 हजार रुपए जमा कराए । बिल्डर ने 1 लाख25 हजार रुपए की यह राशि 2 फरवरी 2015 को प्राप्त भी कर ली।

इसलिए परिवाद को स्वीकार कर निर्णय दिया कि फ्लेट के लिए जमा की गई राशि पर 2 फरवरी 2015 तक की अवधि के लिए 9 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा किया जाए। शारीरिक व मानिसक वेदना की क्षतिपूर्ति के 30 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के 10 हजार रुपए कुल 40 हजार रुपए एक माह की अवधि में दिए जाने का आदेश दिया।

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