गो-तस्कर के परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, दी 72 घंटे की चेतावनी

santosh trivedi

Publish: Dec, 08 2017 09:44:23 (IST) | Updated: Dec, 08 2017 09:48:32 (IST)

Alwar, Rajasthan, India
गो-तस्कर के परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, दी 72 घंटे की चेतावनी

अलवर में गो-तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए गो-तस्कर के शव को गुरुवार को परिजन एवं मेव समाज के लोगों ने लेने से इनकार कर दिया।

अलवर। अलवर में गो-तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए गो-तस्कर के शव को गुरुवार को परिजन एवं मेव समाज के लोगों ने लेने से इनकार कर दिया। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस सोची समझी रणनीति के तहत शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहती। हम पोस्टमार्टम के लिए चार बजे से अलवर के सामान्य अस्पताल में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पुलिस आनाकानी कर रही है। अलवर मेव समाज के सदर शेर मोहम्मद ने कहा कि अब हम शव को लेकर ही नहीं जाएंगे।

 

उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों से बात की तो उन्होंने मेडिकल बोर्ड गठित करने की बात कही थी लेकिन मेडिकल बोर्ड गठित नहीं किया गया। जब रात होने लगी तो हमसे यह कहा गया कि अब शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। उन्होंने 72 घंटे की चेतावनी दी है। पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर अस्पताल में तनाव की स्थिति भी दिखाई दी। देर शाम समाज के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले जाने के लिए तैयार नहीं थे और वे यहां से चले गए। बाद में यहां तैनात पुलिस भी चली गई।

 

शहर में बुधवार देर रात पुलिस और गो-तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में एक गो-तस्कर की मौत हो गई। जबकि वाहन में सवार अन्य गो-तस्कर घटना के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी को जनता कॉलोनी में छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस फरार गोतस्करों की तलाश में जुटी है। तस्करों की तरफ से तीन व पुलिस की तरफ से सात राउंड फायरिंग की गई। मृतक गो-तस्कर की पहचान तालीम पुत्र सरीफ उम्र 30 वर्ष निवासी सालाहेड़ी नूंह मेवात के रूप में हुई है।

 

घटनास्थल से ये बरामद
एक पिस्टल, टाटा 407 गाड़ी एवं उसमें एक मृत और चार जिंदा गोवंश।

 

यूं घिरे गो-तस्कर...तीन फायर
-पुलिस के अनुसार गो-तस्करों ने अरावली विहार थाना क्षेत्र स्थित स्कीम नंबर ८ में निजी अस्पताल के पास से पिकअप में गोवंश को भरा। गश्त कर रही सिगमा ने उन्हें गाड़ी में गोवंश भरते देख इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पर दी।
-गो-तस्कर गाड़ी लेकर भागने लगे, तभी एसएमडी सर्किल पर उन्हें कोतवाली थाना पुलिस तैनात मिली। इस पर गो-तस्करों ने गाड़ी को प्रताप ओडिटोरियम की तरफ मोड़ दिया।
-प्रताप ओडिटोरियम के पास अरावली विहार थाना पुलिस को देख उन्होंने एक फायर किया व गाड़ी को फिर एसएमडी सर्किल की तरफ मोड़ दिया।
-कुछ दूरी पर गो-तस्करों को फिर सिगमा के सिपाही खड़े हुए मिले। इस पर गो-तस्करों ने यहां दूसरा फायर किया व बैरिकेटिंग तोड़ते हुए काली मोरी ओवरब्रिज की तरफ भागे।
-ओवरब्रिज से नीचे एनईबी थाना पुलिस तैनात मिली।
-ओवरब्रिज के दोनों तरफ हथियारबंद पुलिस को देख-गो तस्करों ने तीसरा फायर किया।

 

पुलिस ने की जवाबी फायरिंग
इस पर पुलिस ने जवाब में फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान गाड़ी में बैठे एक युवक को गोली लगी व कील के पटटे् से तस्करों की गाड़ी का आगे का पहिया पंक्चर हो गया। इसके बाद भी गो तस्कर करीब एक किलोमीटर जनता कॉलोनी की तरफ गाड़ी को भगा के लेकर गए। आगे मोड़ पर वाहन के फंसने के डर से गो-तस्कर गाड़ी, गोवंश व मृतक तस्कर को वहीं छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस गो तस्करों का पीछा करते हुए मौके पर पहुंची। वारदात की सूचना पर एसपी राहुल प्रकाश व जिला कलेक्टर राजन विशाल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

 

गोली का जवाब दिया पुलिस ने
दो जगह नाकाबंदी तोडऩे के बाद वाहन सवार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग की। तीसरी जगह सख्त नाकाबंदी को भेद नहीं पाए और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट, मानवाधिकार और सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक जांच की जा रही है।
-ओ.पी. गल्होत्रा, डीजीपी राजस्थान

 

इस साल 20मामले
एडीजी क्राइम पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस वर्ष गो-तस्करी और गो-रक्षकों से जुड़े प्रदेश में २० मामले हो गए हैं। इनमें सबसे अधिक श्रीगंगानगर में 5 प्रकरण हैं।

यहां इतने मामले
श्रीगंगानगर ----------- 5
टोंक -------------- 3
चित्तौडग़ढ़ ----------3
अलवर ------------- 2
भीलवाड़ा ---------- 1
सीकर -------------1
झुंझुनूं ------------- 1
धौलपुर ------------ 1
बाड़मेर ------------ 1
उदयपुर ------------1
प्रतापगढ़ ----------- 1

 

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