हरियाणा, दिल्ली और यूपी के बदमाशों के निशाने पर राजस्थान, अलवर जिला बन रहा अपराध का द्वार, जानिए कैसे लगातार अपराधों को अंजाम दे रहे गिरोह

राजस्थान का पूर्वी सिंहद्वार अलवर राजस्थान के अपराध का द्वार बनता जा रहा है। हरियाणा, दिल्ली और यूपी के बदमाश अलवर के रास्ते राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

By: Hiren Joshi

Published: 14 Oct 2021, 09:23 PM IST

हीरेन जोशी.

अलवर. राजस्थान का पूर्वी सिंहद्वार अलवर प्रदेश में अपराध का द्वार बन चुका है। पड़ोसी राज्य हरियाणा, दिल्ली और उत्तरप्रदेश के दुर्दांत अपराधी यहां पूरी पैठ जमाए हुए हैं ।
जो कि अपने गुर्गों से माध्यम से अलवर जिले में संगीन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार दो पुलिस जिले स्थापित करने के बाद भी अलवर के माथे से ‘सुपर क्रिटिकल’ का दाग मिटा पाने में नाकाम बनी हुई है।

अलवर जिले की सीमा हरियाणा से सटी हुई है। वहीं, दिल्ली और उत्तरप्रदेश भी अलवर जिले के पड़ोसी राज्य है। इन्हीं भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अलवर प्रदेश में अपराध की राजधानी बन चुका है। पिछले कुछ सालों से अलवर जिले में हरियाणा, दिल्ली और उत्तरप्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर्स ने अपना आपराधिक नेटवर्क जमा लिया है। कई बड़े गैंगस्टर ने अलवर जिले के स्थानीय बदमाशों को अपने गिरोह में शामिल कर लिया है। जिनके माध्यम से वे अलवर और भिवाड़ी दोनों पुलिस जिलों में लूट, डकैती, हत्या, अपहरण, फायरिंग, रंगदारी और गैंगवार जैसे संगीन अपराध करा रहे हैं। आए दिन हो रहे लूट, हत्या, फायरिंग, रंगदारी और गैंगवार जैसे अपराधों से अलवर जिला जबरदस्त तरीके से दहला हुआ है। अलवर में दो पुलिस जिले बनाने के बाद भी अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

लगातार अपराध की गूंज में दहल रहा अलवर

अलवर जिला पिछले करीब डेढ़-दो माह से संगीन अपराधों की गूंज से दहला हुआ है। हाल ही में अलवर पुलिस के राजगढ़ थाना इलाके के गांव बारां भडक़ोल और छिलोड़ी गांव में एक युवक ने तीन व्यक्तियों की हत्या की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे डाला। भिवाड़ी में हरियाणा के कुख्यात कौशल गैंग, डागर गैंग और चांद गैंग ने तीन जगह ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी और उनके द्वारा करोड़ों रुपए की रंगदारी की डिमांड की गई। वहीं, इससे पहले बड़ौदामेव इलाके में एक युवक की पीट पीटकर हत्या कर मॉब लिंचिंग की वारदात को अंजाम दे डाला।

त्रिलोक हत्याकांड से बदमाशों की घुसपैठ बढ़ी

वैसे तो हरियाणा के बदमाश अलवर जिले में पिछले करीब एक-डेढ़ दशक से सक्रिय हैं, लेकिन अक्टूबर-2014 में बहरोड़ में हुए पार्षद त्रिलाक यादव हत्याकांड के बाद से अलवर जिले में हरियाणा के बदमाशों की घुसपैठ तेजी से बढ़ गई। बहरोड़ के कुख्यात गैंगस्टर अशोक ठाकरिया ने हरियाणा की सत्यभान जाट गैंग से हाथ मिलाया और सत्यभान जाट गैंग के शार्प शूटर सुनील उर्फ लीडर को साथ लेकर पार्षद त्रिलोक यादव की दिवाली की शाम उसके घर में घुस गोली मारकर हत्या कर दी थी।

फिर यूं बढ़ा संगीन हत्याकांड का ग्राफ

पार्षद त्रिलोक यादव हत्याकांड के बाद हरियाणा के बदमाशों की घुसपैठ बहरोड़ सहित पूरे अलवर में तेजी से फैली। हरियाणा के बदमाशों ने बहरोड़ में व्यापारी घनश्याम अग्रवाल हत्याकांड, नगर पालिका उपाध्यक्ष राकेश शर्मा हत्याकांड, विधानसभा

चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे जसराम पटेल हत्याकांड तथा कोटकासिम में टिल्लू जाट हत्याकांड जैसे एक के बाद एक कई हत्याकांड हुए। इन अपराधों से अलवर जिला जबरदस्त तरीके से दहला रहा।

अवैध कब्जे-वसूली और रंगदारी से बढ़ा अपराध

अलवर जिले के भिवाड़ी, बहरोड़, नीमराणा, शाहजहांपुर, टपूकड़ा, चौपानकी, खुश्खेड़ा आदि इलाके औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां हजारों औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। वहीं, अलवर जिले में जमीनों के दाम भी काफी ऊंचे हैं। जमीनों पर अवैध कब्जे करने और छुड़ाने तथा फैक्ट्रियों से अवैध वसूली करने के लिए यहां कई लोकल और हरियाणा के अपराधी गिरोह सक्रिय हैं। जो कि यहां अपना खौफ बनाने के लिए हत्या, फायरिंग और गैंगवार जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।

हरियाणा के बड़े गिरोह अलवर में सक्रिय

अलवर जिले में हरियाणा के कई कुख्यात अपराधी गिरोह सक्रिय हैं। जिनमें विक्रम उर्फ पपला गुर्जर गैंग, सुरेन्द्र उर्फ चीकू गैंग, कुलदीप उर्फ डॉक्टर गैंग, सत्यभान जाट गैंग, कौशल गैंग, अमित डागर गैंग, चांद गुर्जर गैंग तथा पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई गैंग आदि सक्रिय हैं। इसके अलावा यहां के लोकल बदमाश अशोक ठाकरिया गैंग, विक्रम उर्फ लादेन, प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा सहित जिलेभर में कई बदमाश ऐसे हैं जो कि जिनका हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और पंजाब के बड़े अपराधी गिरोह से जुड़े हुए हैं।

बलात्कार, मॉब लिंचिंग और पपला फरारी से हुआ बदनाम

अलवर जिले में बलात्कार और मॉब लिंचिग की कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। जिससे अलवर जिले को देश-दुनिया में बदनाम और शर्मसार होना पड़ा। बलात्कार के मामलों में अलवर जिला प्रदेश में सबसे आगे है। थानागाजी गैंगरेप तथा पहलू खां और रकबर खां हत्याकांड जैसी मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने अलवर के माथे पर कलंक लगा दिया। वहीं, हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर के बहरोड़ थाने में ताबड़बोड़ फायरिंग करा लॉकअप से भागने की घटना ने पूरी राजस्थान पुलिस की छवि को बदनाम कर दिया था।


फैक्ट फाइल

अलवर में दो पुलिस जिले - अलवर और भिवाड़ी

दोनों पुलिस जिलों में कुल थाने - 41
दोनों पुलिस जिलों में कुल नफरी - करीब 2900

दोनों पुलिस जिलों हर साल दर्ज होने वाले कुल आपराधिक मामले - करीब 21 हजार

फोटो- प्रतीकात्मक तस्वीर

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