फसलों को मिली संजीवनी, सरसों पर मंडराया खतरा

अलवर. पूर्वी राजस्थान में मावठ ने जहां खेतों में लहलहाती फसल को संजीवनी प्रदान की है, वहीं बारिश के साथ गिरे ओलों ने सरसों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। राज्य के पूर्वी हिस्से के भरतपुर और अलवर जिले में बुधवार को मौसम खराब होने से सूरज और बादलों के बीच लुकाछुपी चलती रही।

Subhash Raj

January, 1610:31 PM

गुरुवार को अलवर शहर में सूरज के दर्शन ही नहीं हुए। कई इलाकों में ओले गिरे और कहीं दिन भर रिमझिम होती रही। मावठ से किसानों के चेहरे भी खिल गए। जिले में गुरुवार को कई स्थानों पर बारिश के साथ ओले गिरे। इससे अधिकतम तापमान 19 डिग्री से लुढक कर 13 डिग्री पर आ गया।
मावठ के साथ गिरे ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ौदामेव, खैरथल, अलवर शहर, राठ क्षेत्र में बारिश और मीणावाटी के पिनान, रैणी में ओले गिरे। गुरुवार सुबह 4 बजे अलवर शहर सहित कई स्थानों पर बारिश होने से सर्दी बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी-पश्चिमी मध्यप्रदेश पर चक्रवात बनने से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठ के साथ ओले गिरे हैं।
-मावठ से फायदा, ओलों से नुकसान
मावठ सरसों की फसल के लिए फायदेमंद है, वहीं ओलो से नुकसान हुआ है। जिले के कई इलाकों में चने के आकार के ओले गिरे हैं। किसानों ने बताया कि देर रात ओले गिरने से राजगढ़ क्षेत्र के खेतों में सरसों को थोड़ा नुकसान हुआ है। कृषि उप निदेशक पीसी मीणा ने बताया कि मावठ से गेहूं और चने को फायदा होगा।

Subhash Raj
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