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अलवर

डिफाल्टर्स के आगे पस्त, टैक्स वसूला न सम्पत्ति की कुर्क

सरकार को सालाना करोड़ों की चपत लगा रहे डिफाल्टर्स वाहन मालिकों के आगे परिवहन विभाग पस्त नजर आ रहा है। परिवहन विभाग ने नियम बनाया था कि इन डिफाल्टर्स के वाहन या सम्पत्ति को अटैच कर उन्हें कुर्क किया जाएगा, लेकिन विभाग न तो इन डिफाल्टर्स से टैक्स वसूल कर पा रहा है और न ही उनकी सम्पत्ति कुर्क की जा रही है।
प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अलवर के क्षेत्राधिकार में करीब 4 हजार 850 वार्षिक कर देने वाले भार वाहन संचालित हैं, इनसे सालाना 15 करोड़ रुपए का टैक्स वसूला जाता है। लेकिन अलवर में 900 भार वाहन ऐसे हैं, जिन पर करीब 3 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया है।

अलवरJun 20, 2024 / 06:37 pm

Pradeep

जिले में 900 वाहनों पर करीब तीन करोड़ रुपए बकाया, वाहन मालिकों को कई बार भेजे नोटिस
परिवहन विभाग नहीं कर पाया है कोई कार्रवाई
अलवर. सरकार को सालाना करोड़ों की चपत लगा रहे डिफाल्टर्स वाहन मालिकों के आगे परिवहन विभाग पस्त नजर आ रहा है। परिवहन विभाग ने नियम बनाया था कि इन डिफाल्टर्स के वाहन या सम्पत्ति को अटैच कर उन्हें कुर्क किया जाएगा, लेकिन विभाग न तो इन डिफाल्टर्स से टैक्स वसूल कर पा रहा है और न ही उनकी सम्पत्ति कुर्क की जा रही है।
प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अलवर के क्षेत्राधिकार में करीब 4 हजार 850 वार्षिक कर देने वाले भार वाहन संचालित हैं, इनसे सालाना 15 करोड़ रुपए का टैक्स वसूला जाता है। लेकिन अलवर में 900 भार वाहन ऐसे हैं, जिन पर करीब 3 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया है। टैक्स की वसूली के लिए परिवहन विभाग की ओर से इन वाहन मालिकों के घरों पर कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन फिर भी इनके द्वारा सरकार को टैक्स नहीं दिया जा रहा।
चल-अचल सम्पत्ति अटैच करनी थी
जो भार वाहन मालिक बार-बार नोटिस के बाद भी टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग ने नियम बनाया कि ऐसे डिफाल्टर्स की अन्य चल-अचल सम्पत्ति को टैक्स राशि से अटैच किया जाएगा। इसके बाद सम्पत्ति को कुर्क कर नीलाम किया जाएगा और टैक्स की वसूली की जाएगी। साथ ही ऐसे डिफाल्टर वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी, लेकिन परिवहन विभाग ने अभी तक एक भी डिफाल्टर वाहन मालिक की सम्पत्ति को टैक्स राशि से अटैच नहीं किया है और न ही उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अन्य राज्यों में चल रहे हैं ये वाहन
राजस्थान सरकार को टैक्स नहीं चुकाने वाले ज्यादातर डिफाल्टर वाहन अन्य राज्यों की सडक़ों पर दौड़ रहे हैं। अलवर जिले के डिफाल्टर भार वाहन हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश आदि राज्यों में खनन या अन्य कार्यों में चल रहे हैं। दूसरे राज्यों में होने के कारण परिवहन विभाग इन वाहनों को सीज भी नहीं कर पा रहा।
करा रहे हैं जांच
प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अलवर के क्षेत्राधिकार में सैकड़ों भार वाहनों पर कई करोड़ रुपए का टैक्स बकाया है। इन वाहनों की जांच कराई जा रही है। इसके बाद ऐसे वाहन मालिकों की अन्य चल-अचल सम्पत्ति को टैक्स राशि से अटैच कर कुर्की व नीलामी की जाएगी। फिलहाल कोई कुर्की नहीं की।
  • सतीश कुमार, आरटीओ, अलवर
गांधीगिरी…पार्षद ने किया आयुक्त को कनक दंडवत
आयुक्त निकले कमरे से बाहर, गाड़ी में बैठकर रवाना
अलवर. शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नालों की सफाई नहीं हुई और नालों पर पटाव भी नहीं है। इससे नाराज पार्षद देवेंद्र रसगनिया ने बुधवार को अनूठे अंदाज में विरोध जताया। रसगनिया आयुक्त के कमरे में कनक दंड़वत करते हुए पहुंचे। यह देख आयुक्त खड़े होकर उनके पास आए तो रसगनियां उनके पैरों में गिरने लगे। आयुक्त ने उन्हें उठाया और गाड़ी में बैठ रवाना हो गए।
दरअसल, पार्षद देवेंद्र लगातार नालों की सफाई नहीं होने, वार्ड मे सफाई कर्मचारी लगाने, फेरो कवर लगाने, नालियों की क्रॉङ्क्षसग बनाने के लेकर पिदले 2-3 महीने से आयुक्त को लिखित में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई काम नहीं होने से नाराज देवेंद्र बुधवार को निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त के सामने गांधीवादी तरीके से दंड़वत प्रणाम कर काम नहीं होने के लिए धन्यवाद दिया। आयुक्त के रवाना होने के बाद उनके कक्ष के बाहर दो गार्ड भी तैनात कर दिए गए। देवेंद्र ने कहा कि वार्ड में कोई काम नहीं हो रहा है। जनता नाराज है। मगर निगम प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

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