दो जिलों के परिसीमन में उलझा नंगलाभूरिया गांव का विकास

विधानसभा क्षेत्र में भरतपुर तो पंचायत समिति में अलवर जिलें का हिस्सा

By: Shyam

Published: 10 Jan 2021, 05:48 PM IST


अलवर. अलवर जिले का एक गांव नंगलाभूरिया जिसका परिसीमन का दंश यहां के लोग करीब डेढ़ दशक से झेल रहे है।
गौरतलब है कि अलवर जिले की रामगढ़ पंचायत समिति की टीकरी ग्राम पंचायत का गांव नंगलाभूरिया जो डेढ़ दशक पूर्व भरतपुर जिले की नगर विधानसभा के खोहरी पंचायत का राजस्व ग्राम था। करीब 15 साल पूर्व जिला परिसीमन के दौरान इसे अलवर जिले में रसगण ग्राम पंचायत में स्थानान्तिरत कर दिया गया, वहीं 10 साल बाद इसे नवीन पंचायत बनी टीकरी का हिस्सा बना दिया। इस परिसीमन के दौरान जिले की सीमा का तो परिसीमन कर दिया गया, परन्तु विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र का परिसीमन नहीं हुआ। ऐसे में ये गांव अलवर जिले का हिस्सा होते हुए भी भरतपुर की नगर विधानसभा में आता है, जिसके कारण इस गांव का विकास कार्य परिसीमन के फेर में उलझ गया है। गांव में करीब 60-70 परिवार निवास करते हैं और इनका मुख्य व्यवसाय खेती बाड़ी और पशुपालन है।


विधायक कोटे के कार्यों का अभाव

ग्रामीणों ने बताया कि उनकी विधानसभा नगर है जो कि भरतपुर जिले में आती है, वहीं पंचायत समिति रामगढ़ है जो रामगढ़ विधानसभा और अलवर जिले में आती है। ऐसेे में ग्रामीणों को अपने गांव के विकास कार्यों के लिए नगर विधायक और रामगढ़ विधायक के पास चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है। इस कारण ही गांव में विधायक कोटे के कार्यों का अभाव है। गांव में कब्रिस्तान की चारदीवारी सहित खैरथला से नंगलाभूरिया का सडक़ मार्ग कई वर्षों से नहीं बन पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आने का कोई भी पक्का रास्ता नहीं है। खेत की पगडंडियों सहित कच्चे रास्ते गांव में आते है, उनमें भी बारिश के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।


गांव में पेयजल साधनों का अभाव

गांव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल व्यवस्था है। सरकारी हैंडपम्पों सहित पानी की टंकी का अभाव लोगों की समस्या का बड़ा कारण है। ग्रामीणों द्वारा अपनी निजी मोटरों से ही पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा गांव में सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को ठीक से नहीं मिलता है। योजना के आरम्भ से अब तक गांव में किसी भी परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। गांव के खालिद खान ने बताया कि 15 वर्ष पूर्व जब वो भरतपुर जिले का हिस्सा थे, जब एक परिवार को अवश्य लाभ मिला था, उसके बाद किसी को भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। गांव में केवल पांचवीं तक का सरकारी विद्यालय है, जो भी वर्षो से क्रमोन्नति की बांट जोह रहा है। स्कूल का भवन ज्यादा अच्छी स्थिति में नहीं है। गांव के वसीम खां ने बताया कि दो जिलों का हिस्सा होने के कारण गांव में विकास कार्य नहीं हो पाए हंै, ऐसे में उन्हें अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा का हिस्सा बना दे, जिससे गांव में विकास कार्य ठीक तरह हो सके। गांव के ही जाकिर खां ने बताया कि गांव वाले भी डेढ दशक से इस समस्या से परेशान है कि दो जिलों की भागीदारी होने पर भी गांव में जो विकास कार्य होना था उसका लाभ नहीं मिल पाया है।

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