पुलिस की नौकरी छोड़कर किसान बने, इजराइल से सीखी अदरक की खेती, अब हर माह लाखों कमा रहे

पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद किसान बने धर्मदेव यादव का नावाचार काफी सराहा जा रहा है।

By: Lubhavan

Published: 12 Nov 2020, 10:06 AM IST

अलवर. अलवर जिले के थानागाजी के एक गांव में रहने वाले धर्म देव यादव की गिनती जिले के ही नहीं राजस्थान के अग्रज किसानों में होती है। इन्होंने राजस्थान में भी अदरक की विकसित खेती करके दिखाया जिससे लाखों रुपए मुनाफा कमाया जा सकता है।

ये हरियाणा पुलिस में थे लेकिन 2006 में वीआरएस लेने के बाद अपनी सारी जमा पूंजी लगाकर और बैंक से ऋ ण लेकर खेती-बाड़ी शुरू की। खेती-बाड़ी का शौक कितना कि देश विदेश तक का दौरा किया ताकि कुछ नया कर सके जो राजस्थान के किसानों के लिए मिसाल हो।

खेती-बाड़ी के प्रशिक्षण के लिए 2011 में इजराइल जाकर देखा। ये मंसूरी गए और अदरक की पैदावार का प्रशिक्षण लिया। राजस्थान और हरियाणा के किसान अदरक की पैदावार में रुचि नहीं लेते हैं। इसके बाद 40 बीघा खेत में अदरककी खेती की जो मुनाफे का सौदा साबित हुई। दूर-दूर से लोग अदरक की खेती के बारे में जानकारी लेने आ रहे हैं।

खास बात यह है कि अदरक की खेती आंवले के बगीचों में की गई है ऊपर आंवले और नीचे अदरक की पैदावार हो रही है। अदरक को उगाने के लिए पूरी तरह जैविक खाद का ही प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए खेतों में ही गोपालन भी किया जा रहा है।
इनका मानना है कि आज रासायनिक खाद की वजह से ही आम आदमी बीमारियों से लड़ रहा है। किसान धर्मदेव ने बताया कि अदरक की खेती उनके लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है इसमें लागत एक लाख रुपए और कमाई 5 लाख। यदि राजस्थान के किसान सरसों की जगह अदरक की पैदावार करें तो मुनाफा ही मुनाफा है।

Lubhavan Desk
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