scriptDiwali In Alwar: Smog On Diwali Day In Alwar District | प्रदूषण के लिए केवल पटाखे नहीं जिम्मेदार, दीपावली पर पटाखे जलने से पहले ही स्मॉग की चपेट में आया अलवर | Patrika News

प्रदूषण के लिए केवल पटाखे नहीं जिम्मेदार, दीपावली पर पटाखे जलने से पहले ही स्मॉग की चपेट में आया अलवर

एनसीआर में शामिल अलवर जिले में पटाखे जलाने पर रोक है। लेकिन दिवाली की सुबह पटाखे जलने से पहले ही अलवर स्मॉग की चपेट में आया।

अलवर

Published: November 04, 2021 06:53:11 pm

अलवर. सरकार ने एनसीआर में शामिल अलवर जिले में पटाखों की बिक्री और जलाने पर रोक लगाई हुई है। सरकार के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण पटाखों की रोक लगाई गई है। अलवर जिले में काफी हद तक सरकार के आदेशों की पालना भी हो रही है। आमजन के पटाखे जलाने पर रोक तो लगा दी गई लेकिन दीपावली की सुबह से ही अलवर शहर स्मॉग की चपेट में है। दिन में आसमान में स्मॉग के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही। स्मॉग के कारण लोगों की आंखों में भी परेशानी महसूस हुई। बाला किला से अलवर शहर नजर नहीं आया। बाला किला से वातावरण धुंधला नजर आया। गुरुवार को अलवर शहर और भिवाड़ी का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 160 के आसपास रहा।
Diwali In Alwar: Smog On Diwali Day In Alwar District
प्रदूषण के लिए केवल पटाखे नहीं जिम्मेदार, दीपावली पर पटाखे जलने से पहले ही स्मॉग की चपेट में आया अलवर
मौसम में बदलाव और धूल स्मॉग का कारण

पर्यावरण प्रदूषण के लिए पटाखे ही जिम्मेदार नहीं है। दिवाली की सुबह अलवर शहर में छाए स्मॉग ने इस कथन को सत्य साबित किया है। नवंबर में सर्दी की शुरुआत से ही वातावरण में स्मॉग छाने लग जाता है। दिवाली के दौरान सड़कों की साफ-सफाई के बाद उड़ने वाली धूल और त्यौहार के दौरान अधिक संख्या में चलने वाले वाहनों का धुआं अबोहवा में मिल गया है। सर्दियों के समय आसमान में फॉग की परत होती है, इस कारण धूला और धुआं ऊपर नहीं जा पाता और वातावरण में ही घुल जाता है।
आंखों में महसूस हुई जलन, दिनभर स्मॉग की चर्चा

गुरुवार को स्मॉग के चलते लोगों की आंखों में जलन महसूस हुई। वहीं दुपहिया वाहन चालकों को आंखों से पानी आने की परेशानी हुई। चिकित्सक डॉ. सीताराम अग्रवाल ने बताया कि स्मॉग से आँखों में खुजली और एलर्जी हो सकती है। वहीं स्मॉग अस्थमा के रोगियों के लिए काफी खतरनाक है। आबोहवा में मौजूद पीएम 2.5 के कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि नाक से अंदर जाकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। बुजुर्ग और अस्थमा के रोगियों को ख़ास बचाव करने की आवश्यकता है।
आसान भाषा में समझिए, आखिर क्या है स्मॉग

स्मॉग शब्द स्मॉक व फॉग शब्दों को मिलाकर बना है। जब धुंध में धुआं यानी प्रदूषण मिल जाता है तो उस स्थिति को स्मॉग कहते हैं। स्मॉग पानी के कणों व धुएं में उपस्थित कॉर्बन के कणों से मिलकर बनता है। स्मॉग औद्योगिक क्षेत्रों में अधिक होता है, जहां प्रदूषण की मात्रा अधिक होती है। स्मॉग का कारण गर्मियों मे चलने वाली हवा का सर्दियों में ठहर जाना है। इससे वायु में प्रदूषण एक जगह ठहर जाता है। इसी वजह से स्मॉग में अधिक दूरी तक दिखना बंद हो जाता है। अलवर में खुलेआम प्रदूषण हो रहा है। जिले में ईंट भट्टे व औद्योगिक इकाई खुलेआम धुआं छोड़ रही हैं। तो वहीं जगह-जगह खुलेआम कचरा जल रहा है। ऐसे में प्रदूषण कम होने की जगह उल्टा बढ़ रहा है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ससुराल में इस अक्षर के नाम की लडकियां बरसाती हैं खूब धन-दौलत, किस्मत की धनी इन्हें मिलते हैं सारे सुखGod Power- इन तारीखों में जन्मे लोग पहचानें अपनी छिपी हुई ताकत“बेड पर भी ज्यादा टाइम लगाते हैं” दीपिका पादुकोण ने खोला रणवीर सिंह का बेडरूम सीक्रेटइन 4 राशियों की लड़कियां जिस घर में करती हैं शादी वहां धन-धान्य की नहीं रहती कमीकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशSharp Brain- दिमाग से बहुत तेज होते हैं इन राशियों की लड़कियां और लड़के, जीवन भर रहता है इस चीज का प्रभावमौसम विभाग का बड़ा अलर्ट जारी, शीतलहर छुड़ाएगी कंपकंपी, पारा सामान्य से 5 डिग्री नीचेइन 4 नाम वाले लोगों को लाइफ में एक बार ही होता है सच्चा प्यार, अपने पार्टनर के दिल पर करते हैं राज
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.