भरतपुर के बाद अब प्रदेश के इस बड़े अस्पताल पर भी श्वानों का कब्जा, मरीज झेल रहे दोहरी परेशानी

भरतपुर मेडिकल कॉलेज के बाद अलवर के सामान्य चिकित्सालय में रात को श्वान सोए रहते हैं, इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।

अलवर. भरतपुर के मेडिकल कॉलेज में श्वानों और इसके आईसीयू में चूहों की तस्वीर सामने आने के बाद चिकित्सा महकमें में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कार्रवाई की गई, लेकिन दूसरे शहरों में हालात भी वैसे ही हैं। अब भरतपुर की तरह अलवर की भी सच्चाई सामने आई है। अलवर के सामान्य चिकित्सालय के हालात भी भरतपुर जैसे ही हैं। पत्रिका टीम ने रात करीब 1 बजे चिकित्सालय की लाइव पड़ताल की तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। यहां मरीजों के साथ बैड पर श्वान सो रहे थे। रात में जिस भी ड्यूटी पर रहने वाले जिम्मेदार भी मौजूद नहीं मिले।

अलवर के सामान्य चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। अस्पताल के वार्डों में मरीजों का आए दिन कुत्तों से सामना होता है। कुत्तों के खौफ से ना तो मरीज सो पाते हैं और ना ही उनके परिजन। अस्पताल में करीब एक दर्जन से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं जो रात को वार्डों में खाली बेडों पर आराम फरमाते हैं। वे भर्ती मरीजों का खाने पीने का सामान ले जाते हैं। सुबह से रात तक अस्पताल के गलियारों में ही घूमते रहते हैं। अस्पताल के गलियारों में रात को सोने वाले मरीजों के परिजनों के बिस्तरों पर भी सोते हैं। इतनी अधिक संख्या में कुत्तों के होने से मरीजों में संक्रमण का भी डर रहता है।

अस्पताल के सफाईकर्मी भी इन कुत्तों से बहुत परेशान है क्योंकि ये वार्ड में जगह-जगह पर गंदगी कर देते हैं। अस्पताल प्रशासन इन कुत्तों को अस्पताल से बाहर निकालने के लिए कोई कार्रवाई?नहीं कर रहा है। यहां तक कि मंत्री और जिला कलक्टर ने भी गत दिनों अस्पताल का निरीक्षण भी किया इसके बावजूद अस्पताल में हालात जस के तस बने हुए हैं।

नश्तर सी चुभ रही हवाएं

सामान्य चिकित्सालय की खिडि़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। यहां रात को सर्द हवाएं मरीजों को नश्तर सी चुभ रही हैं। मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को भी सर्दी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सर्दी में उन्हें भी बीमार होने का खतरा बना हुआ है।

Lubhavan Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned